अयोध्या। अयोध्या में श्री रामलला के विग्रह की प्राण-प्रतिष्ठा की पहली वर्षगांठ पर आयोजित जनसभा को संबोधित करते मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा, हिन्दू पंचांग के अनुसार, आज ही के दिन ठीक एक वर्ष पहले, देश के यशस्वी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी के कर-कमलों से, 500 वर्षों का इंतजार समाप्त करते हुए श्रीराम जन्मभूमि पर प्रभु श्रीरामलला का मूर्ति प्राण-प्रतिष्ठा का कार्यक्रम सम्पन्न हुआ था।
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इसीलिए, एक वर्ष पूर्ण होने के उपलक्ष्य में हिन्दू पंचांग के अनुरूप, श्रीराम जन्मभूमि तीर्थक्षेत्र न्यास के द्वारा आज पौष शुक्ल द्वादशी की पावन तिथि को ‘प्रतिष्ठा द्वादशी’ के रूप में आयोजित करते हुए तीन दिवसीय आयोजन का शुभारम्भ किया गया है।
मुख्यमंत्री ने कहा, आज अयोध्या जिस रूप में हम सबके सामने है, आपने देखा होगा यहां पर अवसर हम सबके लिए किस रूप में आया। 2017 से पहले अयोध्या को तीन से चार घंटे बिजली भी नहीं मिलती थी। स्वच्छता का कोई अता पता नहीं था। हजारों वर्षों पहले लंका पर विजय प्राप्त करने के उपरांत भगवान श्रीराम पुष्पक विमान से अयोध्या पधारे थे। हजारों वर्षों के बाद विज्ञान जब इतना आगे बढ़ चुका है तब भी अयोध्या में कोई एयरपोर्ट नहीं था, जहां पर कोई फ्लाइट लैंड कर चुके। लेकिन आज अयोध्या के पास अपना इंटरनेशनल एयरपोर्ट है। अयोध्या की सड़कें त्रेता युग का स्पर्मण करा रही हैं। सरयू मैया की घाट पूरे देश को अपनी ओर आकर्षित करते हैं।
इसके साथ ही कहा, आज हमारी अयोध्या जी देश की पहली सोलर सिटी बन चुकी हैं। यह ‘नए उत्तर प्रदेश’ की ‘नई अयोध्या’ है। उन्होंने आगे कहा, जब श्रीरामजन्मभूमि का पूरा परिसर अपने भव्य रूप में आएगा, तब अयोध्या धाम दुनिया का सुंदरतम व वैभवशाली नगर होगा। श्रीराम जन्मभूमि का यह भव्य मंदिर सनातन धर्म के सभी स्थलों के लिए प्रेरणा का एक नया केंद्रबिंदु बनने वाला है।
जब श्रीरामजन्मभूमि का पूरा परिसर अपने भव्य रूप में आएगा, तब अयोध्या धाम दुनिया का सुंदरतम व वैभवशाली नगर होगा।
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मुख्यमंत्री ने कहा, श्रीराम हमारे लिए राष्ट्र के प्रतीक हैं। श्रीराम हैं तो राष्ट्र है और राष्ट्र है तो श्रीराम हैं। दोनों को अलग करके नहीं देखा जा सकता है, दोनों एक-दूसरे के पूरक हैं। सीएम योगी ने कहा कि आज हम इस बात का एहसास कर रहे हैं जो रामभूमि के लिए आंदोलन चला था आज वह सार्थक हो गया। आज जो भी आता है वह अभिभूत होकर जाता है। पिछले 4 साल में एक ध्येय के साथ मंदिर को भव्य रूप देकर हर दिन तीर्थ क्षेत्र काम कर रहा है। राम मंदिर सभी तीर्थ स्थलों का केंद्र बनने वाला है।
उन्होंने कहा, महाकुंभ का आयोजन प्रयागराज की धरती पर देखने को मिल रहा है, एक बार आप त्रिवेणी में जाकर एक बार जरूर देखिएगा कि सनातन धर्म का गौरव कैसे बढ़ेगा इसका एक मूर्त रूप वहां आपको देखने को मिलेगा। आने वाले 14 जनवरी को मकर संक्रांति और 13 जनवरी से 26 फरवरी महाकुंभ के आयोजन की आपको बधाई देता हूं। आपसे आग्रह है कि एक बार महाकुंभ जाकर स्नान करिए।
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