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झूठा मुकदमा दर्ज कराने वालों पर अब खैर नहीं, पुलिस अफसरों को डीजीपी ने दिया निर्देश एफआईआर कर करे सख्त कार्रवाई

By Satish Singh 
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लखनऊ। उत्तर प्रदेश में अब लोग किसी के खिलाफ झूठा मुकदमा दर्ज नहीं करवा सकेंगे। ऐसे लोगों के खिलाफ पुलिस खुद मुकदमा दर्ज करके सख्त कार्रवाई करेगी। डीजीपी राजीव कृष्ण ने इस संबंध में प्रदेश के सभी पुलिस अफसरों को निर्देश जारी किए हैं। डीजीपी ने निर्देश जारी करते हुए कहा हे कि अगर एफआईआर में दर्ज बातें गलत मिलती हैं तो उसके खिलाफ मुकदमा दर्ज किया जाए। इस मामले में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, हाईकोर्ट ने पिछली 14 जनवरी को निर्देश दिया था कि विवेचना के बाद अगर गलत तथ्य दिए जाने का मामला जानकारी में आता है तो उसकी सूची तैयार करके गलत जानकारी देने वालों के विरुद्ध मुकदमा दर्ज किया जाए।

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परिवार प्रस्तुत करने से पहले संबंधित के बयान ऑडियो और वीडियो के माध्यम से भी संकलित किए जाएं। पिछले दिनों हाईकोर्ट ने टिप्पणी करते हुए कहा था कि कई बार इस प्रकार के मामले भी आते हैं कि शिकायतकर्ता द्वारा बढ़ा-चढ़ाकर आरोप लगाए जाते हैं और विवेचना के बाद मामला कुछ और ही निकलता है। डीजीपी राजीव कृष्ण ने कहा कि प्रदेश में गोतस्करी रोकने के लिए पुलिस का अभियान जारी है। गिरोह बनाकर पशुओं की तस्करी करने वालों के विरुद्ध बड़ी कार्रवाई की गई, जिससे बहुत हद तक उनके गिरोह को तोड़ने का काम किया गया है। अपराधियों के विरुद्ध जीरो टालरेंस नीति के तहत कार्रवाई की जा रही है। उन्होंने कहा कि गोरक्षा या गोतस्करी के मामले को मुख्यमंत्री योगी आदित्य नाथ ने प्राथमिक पर रखा है। जो लोग ऑर्गेनाइज्ड रूप से गोतस्करी के अपराध में लिप्त हैं, उनके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की गई है। बीते दिनों में जो भी उनके नेटवर्क हैं, उसे तोड़ा गया है। जो इसके पीछे शामिल हैं, उनके विरुद्ध भी कड़ी कार्रवाई की गई। उन्होंने कहा कि अपराधियों के विरुद्ध जीरो टालरेंस पर कार्रवाई करें। गोतस्कर पर पूरी तरह से अंकुश लगाएं। उनके चेन को तोड़ने का कार्य जरूर करें, जिससे पशु तस्करी पर रोक लगाई जा सके।

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