Tirupati Stampede: आंध्र प्रदेश के तिरुमला स्थित भगवान वेंकटेश्वर स्वामी मंदिर में बुधवार रात भगदड़ की घटना सामने आयी। इस भगदड़ में 6 श्रद्धालुओं की मौत हो गयी, जबकि कई लोग घायल हुए हैं। तिरुमला तिरुपति देवस्थानम (TTD) प्रमुख ने इस बारे में जानकारी दी हैं। वहीं, मंदिर में भगदड़ क्यों मची? इसके पीछे की वजह वैकुंठ द्वार दर्शनम के लिए सैकड़ों लोग टिकट की मार-मारी बतायी जा रही है।
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दरअसल, तिरुपति में वैकुंठ एकादशी उत्सव शुरू होने से दो दिन पहले वैकुंठ द्वार दर्शन टोकन के लिए भक्तों की भीड़ उमड़ने से भगदड़ मच गई। गुरुवार की सुबह पांच बजे से एसएसडी टोकन जारी किए जाने की व्यवस्था की गई है। टिकट या टोकन मुहैया कराने के लिए 90 से अधिक टिकट काउंटर बनाए गए थे। लेकिन, एक दिन पहले बुधवार शाम से ही टोकन के लिए काउंटरों पर श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ पड़ी। जिसके बाद देखते ही देखते वहां भगदड़ मच गई और छह लोगों की मौत हो गयी।
एक प्रत्यक्षदर्शी महिला ने बताया कि भारी भीड़ के कारण भगदड़ मच गई। जैसे ही पुलिस अधिकारियों ने गेट खोला, तीर्थयात्री टोकन खरीदने के लिए दौड़ पड़े। पहले टोकन पाने की ऐसी कोई व्यवस्था नहीं थी। उनके परिवार के बीस सदस्यों में से छह लोग भगदड़ में घायल हो गए हैं। घटना पर पीएम नरेंद्र मोदी, विदेश मंत्री एस जयशंकर और आंध्र प्रदेश के सीएम चंद्रबाबू नायडू ने दुख जताया। लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने कांग्रेस कार्यकर्ताओं से भगदड़ के पीड़ितों को हर संभव सहायता प्रदान करने का आग्रह किया है।