Makar Sankranti Maha Kumbh Amrit Snan: सूर्य के मकर राशि में प्रवेश करने का महापर्व मकर संक्रांति यानी खिचड़ी मंगलवार को मनाया जा रहा है। इस मौके पर प्रयागराज महाकुंभ में पहला अमृत स्नान सुबह 6.15 बजे से शुरू हुआ। जिसके लिए हाथों में तलवार-त्रिशूल, डमरू और पूरे शरीर पर भभूत लगाए घोड़े और रथ की सवार, हर-हर महादेव का उद्घोष करते हुए नागा साधु-संत संगम पहुंच रहे हैं।
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दरअसल, संस्कृति और भक्ति के मिलन स्थल महाकुंभ मेले में तीर्थयात्रियों का सैलाब अमृत स्नान के लिए उमड़ पड़ा है। महाकुंभ में पहले अमृत स्नान के लिए निर्वाणी-निरंजनी अखाड़े के संत संगम तट पर पहुंचे। इसके बाद महाकुंभ के सबसे बड़े जूना अखाड़े के जूना अखाड़े के आचार्य महामंडलेश्वर स्वामी अवधेशानंद के साथ संत संगम के लिए निकले हैं। जिनके आवाहन, अग्नि, किन्नर अखाड़े के संत साथ भी निकले हैं। सरकार की ओर से जारी डेटा के अनुसार, सुबह 10 बजे तक 1 करोड़ 38 लाख श्रद्धालु संगम में स्नान कर चुके हैं।