उत्तराखंड। चमोली जिले के मायापुर में टीएचडीसी के निर्माण हो रहे हाइड्रो पावर प्रोजेक्ट की टनल में हुए भीषण हादसे ने पूरे देश को हिला कर रख दिया है। टनल में भारी भूस्खलन के बाद आए मलबे और पानी की चपेट में आने से सात श्रमिकों की दर्दनाक मौत हो गई है। वहीं, टनल के भीतर फंसे तीन अन्य लापता मजदूरों को सुरक्षित बाहर निकालने के लिए रेस्क्यू ऑपरेशन युद्धस्तर पर जारी है। हादसे के वक्त टनल के अंदर कुल 22 मजदूर काम कर रहे थे।
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ग्राउंड जीरो पर पहुंचे मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी
इस हादसे की गंभीरता को देखते हुए उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी खराब मौसम के बावजूद खुद ग्राउंड जीरो पर पहुंचे। सीएम धामी ने पीपलकोटी यानी मायापुर पहुंचकर सीधे टनल के भीतर प्रवेश किया और राहत व बचाव कार्यों का अच्छी तरह से निरीक्षण किया। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि टनल में फंसे बाकी तीन मजदूरों को सुरक्षित निकालने के लिए बिना रुके रेस्क्यू ऑपरेशन चलाया जाए। राहत एजेंसियों (NDRF, SDRF और ITBP) ने मुस्तैदी दिखाते हुए अब तक 19 मजदूरों को टनल से बाहर निकाल लिया है। इनमें से 14 मजदूर घायल हैं। उन्हें तुरंत जिला अस्पताल गोपीश्वर में भर्ती कराया गया है, जहां उनका इलाज चल रहा है। मुख्यमंत्री ने खुद अस्पताल जाकर घायलों और उनके स्वजनों से मुलाकात की और उनका साहस होना।
मृतकों की हुई पहचान, अन्य राज्यों के सीएम से की बात
प्राप्त जानकारी के मुताबिक, जान गंवाने वाले सात मजदूरों की पहचान कर ली गई है, जिनमें टिहरी निवासी प्रदीप सिंह, चमोली निवासी मुकेश, बिहार निवासी दुर्लभ शर्मा, झारखंड निवासी विजय व जितेंद्र और लोकेश्वर व भुवनेश्वर शामिल हैं। हांलाकि, इस हादसे में प्रभावित मजदूर देश के अलग-अलग राज्यों से हैं, इसलिए सीएम धामी ने झारखंड और छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्रियों से फोन पर बात कर उन्हें स्थिति की जानकारी दी और हर संभव मदद का आश्वासन दिया।
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लापरवाही की जांच के सख्त आदेश
इस मामले की गंभीरता को देखते हुए मुख्यमंत्री धामी ने इस हादसे पर बेहद सख्त रुख अपनाया है। उन्होंने कार्यदायी संस्था की भूमिका पर सवाल उठाते हुए मामले की उच्च स्तरीय जांच के आदेश दे दिए हैं। सीएम ने स्पष्ट किया है कि निर्माण कार्य में सुरक्षा मानकों की अनदेखी और लापरवाही बरतने वालों के खिलाफ कड़ी से कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी।