M3M हुरुन इंडिया रिच लिस्ट 2026 के अनुसार, गौतम अडानी और परिवार ₹9.23 लाख करोड़ की संपत्ति के साथ भारत के सबसे अमीर व्यक्ति बन गए हैं। M3M हुरुन इंडिया रिच लिस्ट 2026 में गौतम अडानी ने मुकेश अंबानी को पीछे छोड़ते हुए भारत के सबसे अमीर व्यक्ति का स्थान फिर से हासिल कर लिया है।
Hurun Rich List: M3M हुरुन इंडिया रिच लिस्ट 2026 के अनुसार, गौतम अडानी और परिवार ₹9.23 लाख करोड़ की संपत्ति के साथ भारत के सबसे अमीर व्यक्ति बन गए हैं। M3M हुरुन इंडिया रिच लिस्ट 2026 में गौतम अडानी ने मुकेश अंबानी को पीछे छोड़ते हुए भारत के सबसे अमीर व्यक्ति का स्थान फिर से हासिल कर लिया है।
Top Indian Billionaires
(2026)पहला स्थान: गौतम अडानी और परिवार — ₹9,22,800 करोड़ (13% वृद्धि)
दूसरा स्थान: मुकेश अंबानी और परिवार — ₹8,63,400 करोड़ (10% कमी)
तीसरा स्थान: एल एन मित्तल और परिवार — ₹3,39,300 करोड़
चौथा स्थान: सायरस पूनावाला और परिवार — ₹3,03,400 करोड़
पिछले साल दूसरे स्थान पर रहने के बाद, गौतम अडानी और उनका परिवार 9.23 लाख करोड़ रुपये ($96 बिलियन) की संपत्ति के साथ अब पहले स्थान पर है (इसमें 13% की बढ़ोतरी हुई है)। इसके बाद मुकेश अंबानी और उनका परिवार 8.63 लाख करोड़ रुपये ($90 बिलियन) की संपत्ति के साथ दूसरे स्थान पर है (इसमें 10% की गिरावट आई है)।
तीसरे स्थान पर आर्सेलर-मित्तल के एलएन मित्तल और उनका परिवार है; उनकी संपत्ति 93% बढ़कर 3.39 लाख करोड़ रुपये हो गई और वे आठ स्थान ऊपर चढ़ गए।
सेक्टर की बात करें तो, इस साल आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) ने वेल्थ-क्रिएशन (संपत्ति बनाने वालों) की लिस्ट में जगह बनाई है। इसमें 19 लोग (उद्यमी) शामिल हैं जिनकी कुल संपत्ति 3.07 लाख करोड़ रुपये है; इनमें से 15 लोग लिस्ट में नए हैं।
M3M इंडिया की प्रमोटर और M3M फाउंडेशन की चेयरपर्सन व ट्रस्टी पायल बंसल कनोडिया ने कहा, “2026 M3M हुरुन इंडिया रिच लिस्ट भारत की संपत्ति बनाने की कहानी की गहराई और गतिशीलता को दिखाती है। लिस्ट में शामिल 1,810 लोगों में से 70% ‘सेल्फ-मेड’ (खुद से सफल हुए) हैं और 347 नए लोग शामिल हुए हैं। इससे साफ है कि भारत का उद्यमी इकोसिस्टम लगातार बढ़ रहा है और उसमें विविधता आ रही है, जिसमें युवा उद्यमियों और महिलाओं की भागीदारी बढ़ रही है।”
M3M हुरुन इंडिया रिच लिस्ट 2026 में 1,810 ऐसे लोगों को शामिल किया गया है जिनकी संपत्ति 1,000 करोड़ रुपये या उससे ज़्यादा है—यह संख्या पिछले साल से 128 ज़्यादा और पांच साल पहले की तुलना में 803 ज़्यादा है। उनकी कुल संपत्ति 187.5 लाख करोड़ रुपये ($1.96 ट्रिलियन) है, जो 12.8% की बढ़ोतरी है और भारत की GDP का लगभग आधा हिस्सा है।