चीन में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) फेस लाइसेंसिंग (चेहरा किराए पर देने) का ट्रेंड बेहद तेजी से बढ़ रहा है। AI चेहरों को एक नई तरह की डिजिटल प्रॉपर्टी में बदल रहा है।
China AI Face Licensing : चीन में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) फेस लाइसेंसिंग (चेहरा किराए पर देने) का ट्रेंड बेहद तेजी से बढ़ रहा है। AI चेहरों को एक नई तरह की डिजिटल प्रॉपर्टी (digital property) में बदल रहा है। चीन में लोग अपने चेहरों की कीमत लगा रहे हैं। जहां लोग बिना कैमरे के सामने आए सिर्फ अपने चेहरे के डिजिटल अधिकारों (Digital Rights) को बेचकर लाखों रुपये तक कमा रहे हैं। यह नया ट्रेंड देश के तेजी से बढ़ते जनरेटिव एआई और माइक्रोड्रामा (छोटे वीडियो सीरियल्स) उद्योग (Microdrama Industry) के कारण पैदा हुआ है।
डिजिटल एक्टर प्रोफाइल: लोग Yuanxiang Xinsheng, ActID या New Claw जैसे टेक प्लेटफॉर्म्स पर जाकर अपनी पहचान सत्यापित (Verify) करते हैं और अपने चेहरे का डिजिटल प्रोफाइल (Digital Profile) अपलोड करते हैं।
ज़्यादातर डिजिटल प्लेटफ़ॉर्म लोगों को अपनी तस्वीरें रजिस्टर करने और उन्हें AI कंटेंट क्रिएटर्स को शॉर्ट ड्रामा, विज्ञापन, गेम और दूसरे डिजिटल प्रोडक्शन में इस्तेमाल करने की सुविधा दे रहे हैं।
जब किसी प्रोडक्शन कंपनी को डिजिटल कंटेंट (Digital Content) के लिए किसी चेहरे की जरूरत होती है, तो वह उपलब्ध प्रोफाइल में से उपयुक्त चेहरा चुन सकती है।
एक चेहरा कितना कमा सकता है? एक प्लेटफॉर्म पर, फीस 99,999 युआन (लगभग Rs 14 लाख) तक जा सकती है। खबरों के के अनुसार, उभरता हुआ मार्केट लोगों को इस बात पर ज़्यादा कंट्रोल दे रहा है कि AI-जेनरेटेड कंटेंट में उनके चेहरे का इस्तेमाल कैसे किया जाए। यूज़र्स कीमतें तय कर सकते हैं, यह तय कर सकते हैं कि उनकी तस्वीर कितनी देर तक इस्तेमाल की जा सकती है और वे किस तरह के कंटेंट में नहीं दिखना चाहते हैं।
जब किसी प्रोडक्शन कंपनी को डिजिटल कंटेंट के लिए किसी चेहरे की जरूरत होती है, तो वह उपलब्ध प्रोफाइल में से उपयुक्त चेहरा चुन सकती है।
इसके बाद कंपनी और चेहरे के मालिक के बीच लाइसेंसिंग की शर्तें (Licensing Terms) तय होती हैं। भुगतान और इस्तेमाल का दायरा भी इसी समझौते में निर्धारित किया जाता है।
इसके बाद AI तकनीक (AI technology) का इस्तेमाल शुरू होता है। कंपनी लाइसेंस प्राप्त चेहरे के डिजिटल डेटा की मदद से ऐसा कंटेंट तैयार कर सकती है, जिसमें संबंधित व्यक्ति का चेहरा किसी डिजिटल किरदार (Digital Character) पर दिखाई दे।
इस प्रक्रिया में वास्तविक व्यक्ति को बार-बार शूटिंग करने की जरूरत नहीं होती। यही वजह है कि कंपनियों के लिए डिजिटल विज्ञापन, वीडियो और गेमिंग कंटेंट तैयार करने का काम अपेक्षाकृत तेज हो सकता है।