मेरठ: यूपी (UP) के मेरठ जिले में गंगा के बढ़ते जलस्तर और तेज कटान ने गुरुवार को पावर ट्रांसमिशन नेटवर्क (Power Transmission Network) को भी बड़ा नुकसान पहुंचाया। शेरपुर नई बस्ती के समीप गंगा की धारा में 220 केवी हाईटेंशन लाइन (220 kV high-tension line) के दो टावर बह गए, जबकि दोनों ओर खड़े एक-एक टावर क्षतिग्रस्त हो गए। घटना के बाद एहतियात के तौर पर दौराला के मटौर ग्रिड से बिजनौर के नहटौर तक जाने वाली ट्रांसमिशन लाइन को तत्काल बंद कर दिया गया। इससे करोड़ों रुपये के नुकसान का अनुमान लगाया जा रहा है।
पढ़ें :- भाजपा करती है नकारात्मक राजनीति, छात्रों-नौजवानों के प्रति इस सरकार की नीयत साफ नहीं: अखिलेश यादव
मेरठ के दौराला क्षेत्र स्थित मटौर पावर ग्रिड (Nehtaur Power Grid) से बिजनौर के नहटौर स्थित 220 केवी उपकेंद्र तक हाईटेंशन लाइन जाती है। यह लाइन हस्तिनापुर क्षेत्र के कई गांवों से होकर शेरपुर नई बस्ती के पास गंगा नदी को पार करती है। नदी के बीच इस लाइन के कई टावर स्थापित हैं। पिछले दो वर्षों से गंगा के लगातार कटान के कारण एक टावर नदी की मुख्य धारा के बीच आ गया था। गुरुवार सुबह जलस्तर बढ़ने और तेज बहाव के चलते पहले एक टावर नदी में समा गया। इसके कुछ ही देर बाद दूसरा टावर भी धारा में बह गया। आसपास के दो अन्य टावर भी क्षतिग्रस्त हो गए, जिससे ट्रांसमिशन लाइन (Transmission line) पूरी तरह प्रभावित हो गई।
घटना की सूचना मिलते ही पावर ट्रांसमिशन निगम (Power Transmission Corporation) के अधिकारियों ने लाइन को बंद कर सुरक्षा व्यवस्था सुनिश्चित की। तकनीकी टीम (Technical Team) ने मौके का निरीक्षण कर क्षति का आकलन शुरू कर दिया है। प्रारंभिक अनुमान के अनुसार टावरों के बहने और क्षतिग्रस्त होने से विभाग को करोड़ों रुपये की क्षति हुई है।
वैकल्पिक व्यवस्था से जारी रहेगी बिजली आपूर्ति
नहटौर ट्रांसमिशन (Nehtaur Transmission) के अवर अभियंता रोहित तोमर (Junior Engineer Rohit Tomar) ने बताया कि मटौर स्थित 765 केवीए (ग्रिड) स्टेशन से नहटौर 220 केवी स्टेशन को जाने वाली लाइन का एक हिस्सा क्षतिग्रस्त हुआ है। हालांकि नहटौर, हल्दौर और बसावतपुर सहित नौ बिजलीघरों को आपूर्ति आपूर्ति की जा रही थी, जिसकी आपूर्ति प्रभावित नहीं होने दी जाएगी। अमरोहा और बिजनौर के अन्य ट्रांसमिशन स्टेशनों (Transmission Stations) से वैकल्पिक व्यवस्था कर बिजली आपूर्ति सुचारू रखी गई है। उन्होंने बताया कि क्षतिग्रस्त टावरों की मरम्मत और लाइन को दोबारा चालू कराने की प्रक्रिया जल्द शुरू की जाएगी।