Advertisement
  1. हिन्दी समाचार
  2. उत्तर प्रदेश
  3. केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने सीएम योगी, साधु-संतों के साथ संगम में लगाई पुण्य की डुबकी

केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने सीएम योगी, साधु-संतों के साथ संगम में लगाई पुण्य की डुबकी

By santosh singh 
Updated Date

प्रयागराज। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह (Union Home Minister Amit Shah) के साथ सोमवार को साधु-संतों ने भी प्रयागराज के अरैल घाट के संगम नोज पर आस्था की डुबकी लगाई। उनके साथ में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ (Chief Minister Yogi Adityanath) ने भी संगम में डुबकी लगाई। उनके साथ उनके बेटे जय शाह (Jay Shah) , योग गुरु बाबा रामदेव (Yoga Guru Baba Ramdev) भी थे, जिन्होंने संगम में डुबकी लगाई। इस दौरान सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए थे।

पढ़ें :- त्रिशूल भारतीय रक्षा संग्रहालय का सीएम योगी ने किया उद्घाटन, बोले- ये संग्रहालय सेना के अदम्य साहस, शौर्य और बलिदान को नई पीढ़ी तक पहुंचाने का बनेगा सशक्त माध्यम
पढ़ें :- UP Heavy Rains Alert : यूपी की इन जिलों में हुई झमाझम बारिश से सात डिग्री तक गिरा पारा, जानिए अपने जिले का पूर्वानुमान

उनके साथ सीएम योगी, जूना अखाड़े के महामंडलेश्वर अवधेशानंद गिरि और योग गुरु बाबा रामदेव ने भी संगम में स्नान किया। योगी और संतों ने शाह पर पानी डाला। करीब 10 मिनट तक संगम स्नान किया। शाह को संतों ने मंत्रोच्चारण के बीच आचमन कराया। इसके बाद शाह ने संगम पर परिवार के साथ पूजा की। अब शाह अक्षयवट जाएंगे। फिर संतों के साथ बैठक करेंगे और भोजन भी करेंगे। शाह करीब 5 घंटे तक महाकुंभ में रहेंगे। शाह के साथ उनका बेटे जय शाह भी परिवार के साथ हैं।

शाह का विमान सुबह साढ़े 11 बजे बमरौली एयरपोर्ट पर लैंड हुआ। CM योगी और दोनों डिप्टी CM केशव मौर्य और ब्रजेश पाठक ने स्वागत किया। शाह वहां से BSF हेलिकॉप्टर से दिल्ली पब्लिक स्कूल (DPS) पहुंचे। फिर कार से अरैल घाट गए। स्टीमर से VIP घाट पहुंचे। इस दौरान सीएम योगी और संत भी उनके साथ रहे। शाह ने पक्षियों को दाना खिलाया।

परमार्थ निकेतन आश्रम के अध्यक्ष स्वामी चिदानंद सरस्वती ने गृह मंत्री अमित शाह के आगमन से पहले हवन किया। उन्होंने कहा- यह कुंभ दिव्य है। यह विशाल है। अमित शाह यहां आ रहे हैं। आज उनके आगमन से पहले, हमने यहां एक ‘यज्ञ’ किया। हमने इस महाकुंभ की सफलता, उनकी सुरक्षित यात्रा और लंबी उम्र के लिए प्रार्थना की। अगर वह प्रधानमंत्री के साथ नहीं होते, तो अनुच्छेद 370 नहीं हटाया जाता। कई चीजें नहीं होतीं। इसलिए, वह आज यहां आ रहे हैं।

Advertisement