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योगी कैबिनेट में आज कई बड़े फैसलों की तैयारी, लखनऊ-नोएडा में U-HUB से लेकर जेवर लिंक एक्सप्रेसवे तक अहम प्रस्तावों पर लगेगी मुहर!

By Harsh 
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लखनऊ: उत्तर प्रदेश की योगी आदित्यनाथ सरकार की मंगलवार को होने वाली कैबिनेट बैठक कई मायनों में अहम मानी जा रही है। मुख्यमंत्री आवास पर होने वाली इस बैठक में शिक्षा, स्टार्टअप, बुनियादी ढांचा, कृषि, उद्योग और सामाजिक कल्याण से जुड़े कई महत्वपूर्ण प्रस्तावों पर फैसला लिया जा सकता है। सरकार की नजर प्रदेश में निवेश बढ़ाने, रोजगार सृजन और विकास परियोजनाओं को रफ्तार देने पर रहेगी।

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बैठक के सबसे चर्चित प्रस्तावों में लखनऊ और नोएडा में यू-हब (U-HUB) की स्थापना शामिल है। आईटी एवं इलेक्ट्रॉनिक्स विभाग के प्रस्ताव के अनुसार, इन दोनों शहरों में अत्याधुनिक स्टार्टअप हब विकसित किए जाएंगे। नोएडा में आईआईटी कानपुर सेंटर और लखनऊ में आईआईटी परिसर के माध्यम से संचालित होने वाले ये हब डीप-टेक और इनोवेशन आधारित स्टार्टअप्स को तकनीकी सहयोग, मेंटरशिप, निवेश और आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराएंगे। सरकार ने इस परियोजना के लिए 100 करोड़ रुपये का प्रावधान किया है।

कैबिनेट में खरीफ 2026 और रबी 2026-27 के लिए प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना और मौसम आधारित फसल बीमा योजना को लागू करने के प्रस्ताव पर भी मुहर लग सकती है। इसके अलावा प्रयागराज-चित्रकूट क्षेत्र के समग्र विकास के लिए नए क्षेत्रीय विकास प्राधिकरण के गठन पर भी फैसला होने की संभावना है।

बैठक में जेवर एयरपोर्ट को गंगा एक्सप्रेसवे से जोड़ने के लिए करीब 74.5 किलोमीटर लंबे छह लेन ग्रीनफील्ड एक्सप्रेसवे के प्रस्ताव पर भी चर्चा होगी। इसे प्रदेश की कनेक्टिविटी और औद्योगिक विकास के लिहाज से महत्वपूर्ण परियोजना माना जा रहा है।

इसके अलावा सात स्थानों पर मल्टीपर्पज हब बनाने, राज्य संपत्ति विभाग की नई सेवा नियमावली लागू करने, एचसीएल फाउंडेशन के साथ समझौते की अवधि बढ़ाने, विश्वकर्मा श्रम सम्मान योजना-2 में संशोधन, घुमंतू विकास बोर्ड के गठन, शीरा नियंत्रण कानून में बदलाव और श्रम संहिता नियमावली-2026 जैसे प्रस्ताव भी कैबिनेट के एजेंडे में शामिल हैं।

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शिक्षा से जुड़े प्रस्तावों में मदरसा शिक्षा परिषद अधिनियम-2004 में संशोधन और सुप्रीम कोर्ट के फैसले के अनुरूप कामिल एवं फाजिल डिग्रियों की मान्यता समाप्त करने का प्रस्ताव भी रखा जाएगा।

वित्तीय मामलों में सरकार वर्ष 2026-27 के लिए अनुपूरक बजट और विनियोग विधेयक पेश करेगी। साथ ही राज्य वित्त, मनरेगा, जल जीवन मिशन समेत विभिन्न विभागों से संबंधित नियंत्रक एवं महालेखापरीक्षक (CAG) की रिपोर्टें भी सदन के पटल पर रखी जाएंगी।

सरकार का मानना है कि इन प्रस्तावों को मंजूरी मिलने के बाद प्रदेश में निवेश, स्टार्टअप इकोसिस्टम, बुनियादी ढांचे और जनकल्याण योजनाओं को नई गति मिलेगी।

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