राजनाथ सिंह ने सोमवार को अयोध्या दौरे के दौरान हनुमानगढ़ी और रामलला के दर्शन-पूजन किए तथा रानोपाली स्थित उदासीन ऋषि आश्रम में श्रीनारायण संस्कृत महाविद्यालय के नवनिर्मित भवन का लोकार्पण किया। शिक्षा व्यवस्था पर बात करते हुए उन्होंने कहा कि यदि प्रदेश में पुनः योगी सरकार बनती है, तो वह सभी विद्यालयों में वैदिक गणित पढ़ाने का आग्रह करेंगे।
UP Education: रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह सोमवार को अयोध्या पहुंचे, जहां उन्होंने हनुमानगढ़ी और श्रीराम मंदिर में दर्शन-पूजन किया। इसके बाद उन्होंने रानोपाली स्थित उदासीन आश्रम में आयोजित गुरु पर्व महामहोत्सव एवं संत सम्मेलन में हिस्सा लिया। संतों की ओर से राजनाथ सिंह का स्वागत किया गया और उन्हें अंगवस्त्र भेंट किया गया।
कार्यक्रम के दौरान राजनाथ सिंह ने अयोध्या को केवल एक धार्मिक या भौगोलिक स्थान नहीं, बल्कि भारतीय संस्कृति और सभ्यता का महत्वपूर्ण केंद्र बताया। उन्होंने कहा कि भगवान श्रीराम ने अयोध्या की धरती से धर्म, न्याय और मर्यादा का संदेश दिया।
रक्षा मंत्री ने संस्कृत शिक्षा और भारतीय ज्ञान परंपरा पर भी जोर दिया। उन्होंने कहा कि भारत में ज्ञान को सिर्फ पुस्तकों तक सीमित नहीं रखा गया, बल्कि उसे परंपरा और संस्कार के रूप में आगे बढ़ाया गया। उन्होंने संस्कृत को भारतीय ज्ञान परंपरा का महत्वपूर्ण आधार बताते हुए वेद, उपनिषद, दर्शन, व्याकरण, आयुर्वेद, गणित और साहित्य सहित विभिन्न क्षेत्रों में इसके योगदान का उल्लेख किया।

राजनाथ सिंह रानोपाली के उदासीन आश्रम स्थित श्री नारायण संस्कृत महाविद्यालय के नवनिर्मित भवन के कार्यक्रम में भी पहुंचे। हालांकि आचार संहिता लागू होने के कारण वह भवन का औपचारिक उद्घाटन नहीं कर सके। उन्होंने महाविद्यालय के नवनिर्मित भवन को देखकर प्रसन्नता जताई और आश्रम के महंत डॉ. स्वामी भरत दास महाराज को बधाई दी।
इस दौरान राजनाथ सिंह ने उत्तर प्रदेश की शिक्षा व्यवस्था को लेकर भी बात रखी। उन्होंने कहा कि अगर योगी आदित्यनाथ दोबारा सरकार बनाते हैं तो वह प्रदेश के सभी विद्यालयों में वैदिक गणित पढ़ाए जाने का आग्रह करेंगे।
उन्होंने उदासीन परंपरा को सनातन धर्म की जीवंत धारा बताते हुए कहा कि इस परंपरा ने लंबे समय से भारत की आध्यात्मिक चेतना को मजबूत किया है। राजनाथ सिंह के अयोध्या दौरे के दौरान धार्मिक दर्शन के साथ शिक्षा, संस्कृत और भारतीय ज्ञान परंपरा पर उनके बयानों की भी चर्चा रही।