लखनऊ। इलाहाबाद हाईकोर्ट की लखनऊ पीठ ने यूपी मदरसा शिक्षा बोर्ड कानून – 2004 (UP Madrasa Education Board Act – 2004) को असांविधानिक करार दिया है। जिसके बाद प्रदेश के सभी मदरसे बंद कर दिए जाएंगे। जिससे यहां पढ़ने वाले छात्रों शिक्षकों व अन्य कर्मचारियों के भविष्य को लेकर सवाल उठने लगे हैं।
पढ़ें :- बिजली कटौती को लेकर योगी सरकार की बड़ी कार्रवाई: कई अधिकारी हुए सस्पेंड, लापरवाह अफसरों पर भी लटकी कार्रवाई की तलवार
हाईकोर्ट के आदेश पर उत्तर प्रदेश मदरसा बोर्ड के अध्यक्ष डॉ. इफ्तिखार अहमद जावेद ने कहा कि हाईकोर्ट ने मदरसा कानून को असांविधानिक बताया है। हम कोर्ट के फैसले को समझने का प्रयास कर रहे हैं और आने वाले दिनों में निर्णय करेंगे कि क्या करना है?
उन्होंने कहा कि बीते 20 साल से मदरसे इसी कानून से संचालित हो रहे हैं अगर इसमें कुछ कमी है तो सुधार किए जा सकते हैं। बदलाव किए जा सकते हैं। हम निर्णय का विश्लेषण करेंगे। हम कोर्ट के फैसले का सम्मान करते हैं।