लखनऊ। निर्वाचन आयोग (ECI) मंगलवार को विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) प्रक्रिया के तहत उत्तर प्रदेश की ड्राफ्ट मतदाता सूची जारी कर दी गई है। यूपी के मुख्य निर्वाचन अधिकारी नवदीप रिणवा (Uttar Pradesh Chief Electoral Officer Navdeep Rinwa) ने कहा कि एसआईआर के बाद 2 करोड़ 89 लाख वोटरों के नाम कट गए हैं। यूपी में एसआईआर के बाद 12 करोड़ 55 लाख से ज्यादा वोटर हैं। रिवीजन के बाद कुल 46 लाख वोटर मृत पाए गए।
पढ़ें :- अब तो चुनाव आयोग को अपनी बिल्डिंग पर लगा लेना चाहिए बीजेपी का झंडा : अखिलेश यादव
यूपी के मुख्य निर्वाचन अधिकारी (UP Chief Electoral Officer) ने बताया कि 15 करोड़ के ऊपर जो मतदाता थे। उसमें उन्होंने खुद या परिवार के किसी ने हस्ताक्षर करके दिया वह थे। पुरानी मतदाता सूची का लगभग 81 प्रतिशत लोगों ने साइन करके वापस किया और जिन्होंने नहीं दिया वह लगभगत 18 प्रतिशत हैं। जिन्होंने नहीं दिए वापस फॉर्म उनके कई कारण थे। मृतक वोटरों की संख्या 46.23 लाख थी और स्थांतरित, यानि शिफ्ट करके जो वोटर चले गए हैं उनकी संख्या 2.17 करोड़ है। वहीं जो एक से ज्यादा स्थान पर नाम दर्ज पाए गए 25.47 लाख थे। जिनका नाम ड्राफ्ट में नहीं आया वह कुल 2.89 करोड़ हैं।
मुख्य निर्वाचन अधिकारी नवदीप रिणवा (Chief Electoral Officer Navdeep Rinwa) ने बताया कि दावे और आपत्तियां दर्ज कराने की अवधि 6 जनवरी से 6 फरवरी 2026 तक तय की गई है। वहीं, 6 जनवरी से 27 फरवरी 2026 तक नोटिस अवधि के दौरान प्राप्त सभी दावों और आपत्तियों का निस्तारण किया जाएगा।
मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने बताया कि मतदाता सूची पुनरीक्षण से जुड़े सभी गणना प्रपत्र (एन्यूमरेशन फॉर्म) प्राप्त कर लिए गए हैं और उनका डिजिटलीकरण भी पूरा कर लिया गया है। संशोधित समय-सारिणी के अनुसार ड्राफ्ट मतदाता सूची जारी होने के बाद नागरिकों को एक महीने का समय मिलेगा, जिसमें वे नाम जोड़ने, संशोधन कराने या आपत्ति दर्ज कराने के लिए आवेदन कर सकेंगे। निर्वाचन आयोग के अनुसार, उत्तर प्रदेश की अंतिम मतदाता सूची 6 मार्च 2026 को प्रकाशित की जाएगी। आयोग ने मतदाताओं से अपील की है कि वे ड्राफ्ट सूची में अपना नाम जरूर जांचें और किसी भी तरह की त्रुटि या नाम छूटने की स्थिति में तय समयसीमा के भीतर दावा या आपत्ति दर्ज कराएं।