लखनऊ। उत्तर प्रदेश के सरकारी स्कूलों में कार्यरत शिक्षकों और विशेष शिक्षकों के लिए एक बड़ी खबर सामने आई है। सुप्रीम कोर्ट के आदेश का पालन करते हुए उत्तर प्रदेश सरकार ने राज्य में विशेष शिक्षक पात्रता परीक्षा (Special TET) आयोजित करने की कार्ययोजना को मंजूरी दे दी है। इस परीक्षा का आयोजन उत्तर प्रदेश शिक्षा सेवा चयन आयोग (Uttar Pradesh Education Service Selection Commission) कराएगा, जो जल्द ही इसका आधिकारिक नोटिफिकेशन और विस्तृत कार्यक्रम जारी करेगा।
पढ़ें :- इधर CJP ने किया स्कूल ठीक करो का ऐलान, उधर स्कूलों में यूट्यूबरों की एंट्री हो गई बैन
सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर लिया गया फैसला, 31 अगस्त 2028 तक का समय
इस परीक्षा का मुख्य उद्देश्य उन कार्यरत शिक्षकों को एक और अवसर देना है जो पहले की आयोजित यूपीटीईटी (UPTET) परीक्षा में उत्तीर्ण नहीं कर पाए हैं। ताजा आंकड़ों के मुताबिक, लगभग 56,818 कार्यरत शिक्षक और करीब 2,500 विशेष शिक्षक इस परीक्षा में शामिल होंगे। न्यायालय के निर्देश के अनुसार, इन सभी कार्यरत शिक्षकों के लिए 31 अगस्त 2028 तक टीईटी पास करना अनिवार्य किया गया है। अपनी सेवा सुरक्षित रखने के लिए उम्मीदवारों को स्पेशल टीईटी के चार और केंद्रीय शिक्षक पात्रता परीक्षा के दो अवसर दिए जाएंगे।
परीक्षा का प्रारूप और अंक विभाजन
आपको बता दें कि यह परीक्षा पूरी तरह से वैकल्पिक (Objective) होगी। इस परीक्षा में कुल 150 बहुविकल्पीय प्रश्न (MCQs) पूछे जाएंगे, जो 150 अंकों के होंगे। इसमें अभ्यर्थियों को प्रश्नपत्र हल करने के लिए 150 मिनट का समय मिलेगा। इस परीक्षा में कोई भी नकारात्मक अंकन (Minus Marking) नहीं होगी। इसके अलावा सामान्य टीईटी की तर्ज पर इसमें भी दो पेपर होंगे जिसमें पेपर-1, कक्षा 1 से 5 तक के प्राथमिक शिक्षकों के लिए और पेपर-2, कक्षा 6 से 8 तक के उच्च प्राथमिक शिक्षकों के लिए।
पढ़ें :- सुप्रीम कोर्ट का बड़ा फैसला, अब तीन साल के बजाय एक साल की वकालत करके बन सकेंगे जज
उत्तीर्ण प्रतिशत और कट-ऑफ
विभागीय जानकारी के मुताबिक, इस परीक्षा में उत्तीर्ण होने के लिए श्रेणियों के आधार पर न्यूनतम अंक तय किए गए हैं। जिसमें सामान्य वर्ग को न्यूनतम 60 प्रतिशत अंक यानी 90 नंबर लाना अनिवार्य है। वहीं आरक्षित वर्ग (OBC/SC/ST/EWS/दिव्यांग) के लिए न्यूनतम 55 प्रतिशत अंक यानी 82 नंबर पाने वाले अभ्यर्थियों को उत्तीर्ण घोषित किया जाएगा।
विशेष शिक्षकों के लिए जरूरी पात्रता
विशेष शिक्षा के क्षेत्र में काम कर रहे संविदा या डेलीवेजेज शिक्षकों के लिए भी नियम साफ कर दिए गए हैं। इसमें यदि शैक्षणिक योग्यता की बात की जाय तो प्राथमिक स्तर के लिए स्नातक के साथ भारतीय पुनर्वास परिषद से मान्यता प्राप्त डी.एड. और उच्च प्राथमिक के लिए बी.एड. होना अनिवार्य है। साथ ही भारतीय पुनर्वास परिषद में पंजीकरण होना जरूरी है। इस परीक्षा में शामिल होने वाले संविदा शिक्षकों की अधिकतम आयु परीक्षा की तिथि तक 60 वर्ष से अधिक नहीं होनी चाहिए। उत्तर प्रदेश शिक्षा सेवा चयन आयोग के सूत्रों के मुताबिक, परीक्षा के ऑनलाइन आवेदन और परीक्षा तिथियों की घोषणा अगले कुछ हफ्तों में आधिकारिक वेबसाइट पर जारी की जाएगी।