American fighter jets wreak havoc at sea: 10 जून दिन बुधवार को ओमान के तट के पास तेल टैंकर सेटेबेलो पर अमेरिकी नेवी ने हमला किया था, जिसमें दो भारतीय नाविकों की मौत की सूचना मिल रही है। हांलाकि अब भी एक अन्य को लापता बताया जा रहा है। मनोज यादव जो कि फॉरवर्ड सीमेन यूनियन ऑफ इंडिया के महासचिव हैं, के अनुसार, दो नाविकों की मौत हो गई है और एक लापता है। हालांकि Government of India ने तीनों को लापता बताया है और भारतीय विदेश मंत्रालय ने हमले की निंदा तो की लेकिन अपने बयान में अमेरिका का नाम सीधे तौर पर नहीं लिया। हालांकि बीते दिनों सोमवार को तेल टैंकर एमटी मैरीवेक्स पर अमेरिकी हमले के उलट भारत ने बुधवार को इस हमले की खुलकर निंदा की। अमेरिका के राजदूत भारत में सर्जियो गोर कज़ाखस्तान की यात्रा पर थे। ओमान की सेना ने मैरीवेक्स पर मौजूद 24 भारतीय नाविकों को भी सुरक्षित बचा लिया था। वहीं अमेरिका इस जहाज़ पर पहले ही रोक लगा चुका था।
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भारत ने जताया ऐतराज़
सेटेबेलो जहाज पर अमेरिकी सेना की ओर से ‘प्रिसिजन म्यूनिशन्स’ दागे गए थे लेकिन इस जहाज पर मौजूद 21 भारतीय नाविकों को बचा लिया गया है। अमेरिकी सेंट्रल कमांड ने दावा किया कि पलाऊ के झंडे वाले तेल टैंकर सेटेबेलो ने ईरान से तेल ले जाते हुए जारी नाकाबंदी का उल्लंघन किया था। US Central Command ने अपने बयान में कहा कि अमेरिकी बलों की ओर से बार-बार चेतावनी देने के बावजूद भी जहाज के चालक दल ने नज़रअंदाज़ किया। और इसके बाद एक अमेरिकी विमान ने जहाज के इंजन को सटीक हथियारों से निशाना बनाया। इसके अलावा अमेरिकी सेना ने इस कार्रवाई का एक वीडियो भी जारी किया है।
इस हमले में भारतीय नाविकों की जान जाने के बाद खाड़ी क्षेत्र में जारी संघर्ष और समुद्री व्यापार मार्गों की सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। भारत सरकार ने अमेरिकी दूतावास के उप प्रमुख जेसन मीक्स को तलब किया और इस घटना पर विरोध जताया। Ministry of External Affairs of India ने बुधवार की घटना की निंदा करते हुए कहा कि ओमान में मौजूद भारतीय दूतावास इस स्थिति पर लगातार नज़र बनाए हुए है। साथ ही खोज और बचाव अभियान के लिए ओमानी अधिकारियों के साथ सक्रिय तालमेल बना रहा है। According to maritime intelligence website Lloyd’s List, सेटेबेलो ओमान के दुक़्म बंदरगाह के पास रुके हुए जहाज़ों में शामिल था।
हांलाकि इससे पहले यूनाइटेड किंगडम मैरीटाइम ट्रेड ऑपरेशंस ने एक अलर्ट जारी कर बताया था कि ओमान के सोहर से लगभग 20 समुद्री मील उत्तर-पूर्व में एक टैंकर के इंजन रूम में आग लग गई है और स्थानीय अधिकारी चालक दल को निकालने में सहायता कर रहे हैं। इस अलर्ट के अनुसार, जहाज पर एक व्यक्ति की मौत हुई थी और दो अन्य लापता बताए गए थे। वहीं भारत के विदेश मंत्रालय ने कहा कि क्षेत्र में कारोबारी जहाजों पर लगातार हो रहे हमले गहरी चिंता के विषय हैं। इसके अलावा भारत ने ज़ोर देते हुए कहा कि क्षेत्र में कारोबारी जहाजों और सिविल इन्फ़्रास्ट्रक्चर को निशाना बनाना बंद होना चाहिए। In accordance with international law समुद्री मार्गों पर स्वतंत्र और निर्बाध आवाग़मन जल्द से जल्द बहाल होनी चाहिए।
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सैन्य टकराव की आशंका बढ़ी
According to ship tracking websites, सेटेबेलो पहले भी मार्च और अप्रैल में दो बार चीन की यात्रा कर चुका था। यह अप्रैल के अंत से मई की शुरुआत तक लियानयुंगांग बंदरगाह पर माल उतारा था और 12 मई को सिंगापुर से रवाना हो गया था।
आपको बता दे कि 13 अप्रैल से अमेरिका ने ईरानी बंदरगाहों की नाकाबंदी शुरू की थी, जब तेहरान ने होर्मुज़ स्ट्रेट से जहाज़ों की आवाजाही पर प्रतिबंध लगा दिया था।हांलाकि इस दौरान ईरान और अमेरिका के बीच तनाव कम होने के कोई आसार नज़र नही आ रहे हैं। क्योंकि अमेरिका ने ईरान पर फिर से हमला शुरू कर दिया है। वहीं ट्रंप का कहना है कि ईरान शांति समझौते पर हस्ताक्षर करने में बहुत ज़्यादा समय लगा रहा है और अमेरिका को मूर्ख बना रहा है।
आपकी जानकारी के लिए बता दे कि यह युद्ध तब शुरू हुआ था, जब 28 फ़रवरी को अमेरिका और इसराइल ने ईरान पर सैन्य हमले किए थे। इन हमलों में ईरान के सर्वोच्च नेता की मौत हो गई थी। इसके जवाब में ईरान ने इसराइल और अमेरिका के सहयोगी खाड़ी देशों पर मिसाइल और ड्रोन हमले शुरू किए। देखते ही देखते यह संघर्ष तेज़ी से पूरे क्षेत्र में फैल गया और मार्च में लेबनान भी इसकी चपेट में आ गया। हांलाकि शुरूआती तौर पर दो सप्ताह के लिए अप्रैल में अमेरिका और ईरान युद्धविराम पर सहमत हुए थे। लेकिन लगातार नए हमलों और बढ़ते अविश्वास ने इस युद्धविराम को बहुत ही नाज़ुक बना दिया है, जिसकी वजह से फिर से बड़े सैन्य टकराव की संभावना बनी हुई है।