यूपी विधानसभा चुनाव (UP Assembly Elections) का बिगुल बसपा (BSP) ने फूंक दिया है। सोमवार को बसपा प्रमुख मायावती (BSP Chief Mayawati) के भतीजे और पार्टी के राष्ट्रीय कोआर्डिनेटर आकाश आनंद (Akash Anand) ने सवा दो साल के बाद यूपी की सियासी पिच पर उतरे और अपने पुराने आक्रामक तेवर में ही नजर आए। इस दौरान उनके निशाने पर सूबे की योगी सरकार और बीजेपी पार्टी रही।
सादाबाद । यूपी विधानसभा चुनाव (UP Assembly Elections) का बिगुल बसपा (BSP) ने फूंक दिया है। सोमवार को बसपा प्रमुख मायावती (BSP Chief Mayawati) के भतीजे और पार्टी के राष्ट्रीय कोआर्डिनेटर आकाश आनंद (Akash Anand) ने सवा दो साल के बाद यूपी की सियासी पिच पर उतरे और अपने पुराने आक्रामक तेवर में ही नजर आए। इस दौरान उनके निशाने पर सूबे की योगी सरकार और बीजेपी पार्टी रही।
हमारी टैक्स की कमाई के पैसे से योगी सरकार और बीजेपी ने सिर्फ अपना प्रचार किया
हाथरस के सादाबाद से चुनावी अभियान का आगाज करते आकाश आनंद (Akash Anand) ने सोमवार को कहा कि 10 साल से बीजेपी प्रदेश में काबिज है। इन्होंने केवल विज्ञापनों से अपनी कमियों को छुपाने का काम किया है। हमारी टैक्स की कमाई के पैसे से योगी सरकार और बीजेपी ने सिर्फ अपना प्रचार किया है। आकाश आनंद (Akash Anand) ने कहा कि मैं यहां पर भाजपा की कमियां गिनवाने नहीं आया हूं। मैं अपने लोगों की समस्या रखने आया हूं। पिछले 10 साल में 7 हजार करोड़ रुपये आपके टैक्स के पैसे से बीजेपी सरकार अपनी नाकामियां छुपाईं। आकाश आनंद (Akash Anand) ने यूपी के कानून व्यवस्था से लेकर स्कूल बंद करने सहित रोजगार के मुद्दे को उठाते हुए योगी सरकार को घेरा।
भाजपा ने पिछले 10 सालों में न बहनों को सुरक्षित रख पाई, न नौकरी दे पाई और न शिक्षा दे पाई
आकाश आनंद (Akash Anand) ने कहा कि ये दस साल का हिसाब लेने का समय है। 10 साल में 7 हजार करोड़ रुपये को बीजेपी सरकार ने सिर्फ प्रचार पर खर्च किए हैं। झांसी के अस्पताल में दस से ज्यादा बच्चे जलकर मर गए उनके लिए सहायता राशि नहीं है। केवल अफसोस है। चार लाख से ज्यादा सरकारी पद भरने के लिए पैसा नहीं है। आकाश आनंद (Akash Anand) ने सादाबाद से विधानसभा स्तरीय कार्यकर्ता सम्मेलन को संबोधित करते हुए कहा कि पेपर लीक रोकने पर ध्यान देते, विज्ञापन के पैसे परीक्षाओं पर लगाते तो कुछ लोगों को नौकरी मिलती, भाजपा ने पिछले 10 सालों में न बहनों को सुरक्षित रख पाई, न नौकरी दे पाई और न शिक्षा दे पाई।
यूपी में कानून व्यवस्था का हाल यह है कि क्राइम के मामले यूपी नंबर वन है
आकाश आनंद (Akash Anand) ने कहा कि भाजपा सरकार की असलियत जानना जरूरी है। विधानसभा चुनाव सिर पर हैं। ये फिर झूठे वादे लेकर आएंगे, लेकिन अब बीते 10 साल का हिसाब मांगने का समय आ रहा है। इनसे 10 साल का हिसाब मांगना और कहना कि हमारे लिए क्या काम किया है। अब हमें इस सरकार को उखाड़ फेंकना है। आकाश आनंद ने कहा कि यूपी में कानून व्यवस्था का हाल यह है कि क्राइम के मामले यूपी नंबर वन है। महिला अत्याचार, हत्या, NCRB डाटा रिकॉर्ड हत्याएं है कि 10 हज़ार से ज्यादा किडनैपिंग के मामले हैं। इन आंकड़ों को हल्के में मत लेना, क्योंकि हमारे आंकड़े नहीं है। ये सरकारी आंकड़े हैं।
जब 60 रुपए में मिलता था पेट्रोल तो बीजेपी को लोग कैसे महंगाई बताया करते थे? लेकिन अब 110 रुपए में गाने का रस बेच रहे हैं
उन्होंने कहा कि शिक्षा के क्षेत्र में सरकार विफल रही है, योगी सरकार ने कोई काम नहीं हुआ। यूपी में 25 हजार से ज्यादा सरकारी स्कूल बंद कर दिए, जिनमें हमारे समाज के लोग पढ़ते थे। मायावती जी ने काफी मेहनत की है, अपने समाज की आवाज उठाने के लिए। अपना वोट जरूर डालें, हाथी का बटन दबाएं। आकाश ने कहा कि बीजेपी सरकार बड़े बड़े दावे करते हैं, लेकिन एनकाउंटर की आड़ में गुंडो का राज है। पुलिस के आड़ में गुंडों को यूपी में राज है। इसके बाद केंद्र सरकार को निशाने पर लेते हुए आकाश ने कहा कि जब 60 में पेट्रोल मिलता था तो बीजेपी को लोग कैसे महंगाई बताया करते थे, लेकिन अब 110 रुपए में गाने का रस बेच रहे हैं।
राहुल गांधी और अखिलेश को बताया अंकल
आकाश आनंद (Akash Anand) ने राहुल गांधी और अखिलेश यादव को अंकल बताया। उन्होंने कहा कि कांग्रेस पार्टी के राहुल अंकल हैं, जो बाबा साहब का नाम लेते हैं, लेकिन उनकी प्रदेशों में भाजपा जैसा हाल है। इसके साथ ही अखिलेश अंकल की बात करता हूं, जिनका नाम मैं बहुत सम्मान से ले रहा हूं। 30 साल का लड़का अगर 50 साल के अखिलेश जी को अंकल नहीं कहेगा तो क्या कहेगा।
आकाश आनंद (Akash Anand) ने बीजेपी पर हमलावर होने के साथ-साथ सपा और कांग्रेस पर भी जमकर हमले किए। उन्होंने कहा कि लाल किताब का ढिंढोरा पीटेंगे, ये किताब उनकी तरह ही अंदर से खोखली है। बीजेपी को हटाकर कांग्रेस को ले आओगे तो वो भी यही करेंगे। जिस तरह बीजेपी शासित राज्यों में पेपर लीक के मुद्दे हैं और जो भ्रष्टाचार है, उसकी तरह कांग्रेस शासित राज्यों में भी हाल है।