मयंक द्विवेदी के सपा में शामिल होने से बुंदेलखंड की राजनीति में नई चर्चा शुरू हो गई है। 2024 में बांदा से बसपा के लोकसभा प्रत्याशी रहे मयंक अब अखिलेश यादव के साथ नजर आएंगे। उन्होंने सपा के PDA में ‘पंडित’ को भी शामिल बताते हुए ब्राह्मणों समेत विभिन्न वर्गों तक पहुंच बनाने की बात कही है।
Banda: बुंदेलखंड की राजनीति में बड़ा उलटफेर करते हुए बांदा से 2024 के बसपा (BSP) लोकसभा प्रत्याशी मयंक द्विवेदी ने समाजवादी पार्टी (सपा) का दामन थाम लिया है लखनऊ में अखिलेश यादव की मौजूदगी में उन्होंने सपा की सदस्यता ग्रहण की। यानी जिस चेहरे को बसपा ने लोकसभा चुनाव में मैदान में उतारा था, अब वही चेहरा 2027 की तैयारी में अखिलेश यादव के साथ खड़ा नजर आएगा।
मयंक द्विवेदी का सपा में जाना इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि उनकी राजनीति सिर्फ चुनावी टिकट तक सीमित नहीं रही है। वह बांदा-चित्रकूट क्षेत्र की स्थानीय राजनीति में सक्रिय रहे हैं और जिला पंचायत स्तर पर भी भूमिका निभा चुके हैं। उनके पिता पुरुषोत्तम द्विवेदी भी बसपा की राजनीति में विधायक और मंत्री रह चुके हैं। यानी मयंक की एंट्री के साथ सपा को बुंदेलखंड में एक ऐसा चेहरा मिला है जिसकी राजनीतिक पृष्ठभूमि इसी इलाके से जुड़ी हुई है। अब जरा 2024 का चुनावी आंकड़ा भी समझिए।
मयंक द्विवेदी ने बांदा लोकसभा सीट से बसपा के टिकट पर चुनाव लड़ा था और उन्हें करीब 2 लाख 45 हजार वोट मिले थे। इस चुनाव में समाजवादी पार्टी की उम्मीदवार कृष्णा देव शिवशंकर पटेल विजयी रही थीं, जबकि बीजेपी के आरके सिंह पटेल दूसरे स्थान पर रहे थे। ऐसे में मयंक का सपा में आना सिर्फ एक नेता की पार्टी बदलने की खबर नहीं है, बल्कि उस इलाके के पिछले लोकसभा चुनाव के सियासी समीकरण से भी जुड़ा घटनाक्रम है।
वही मयंक द्विवेदी ने PDA की व्याख्या करते हुए कहा कि ‘P’ का मतलब पंडित भी है और पीड़ित भी। उनका दावा है कि बुंदेलखंड में ब्राह्मणों समेत अलग-अलग वर्गों के लोग मौजूदा सरकार से परेशान हैं और सपा के साथ जुड़ रहे हैं। उनका कहना है कि वे AI और सोशल मीडिया के हर चैलेंज से लड़ेंगे और अपनी बात को पूरी ताकत से जनता तक पहुंचाएंगे।
Mayank Dwivedi Update: बसपा का दामन छोड़ने वाले मयंक द्विवेदी और Akhilesh Yadav के बीच चुनाव को लेकर क्या हुई बात?
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— UP Tak (@UPTakOfficial) September 19, 2026
यानी सपा अब सिर्फ संगठन बढ़ाने की कवायद नहीं कर रही बल्कि अलग-अलग सामाजिक समूहों से आने वाले नेताओं को अपने साथ जोड़कर 2027 के लिए राजनीतिक आधार तैयार करने की कोशिश में है। इतना ही नही, बुंदेलखंड की बदहाली और विकास के मुद्दे पर मयंक द्विवेदी ने सरकार पर जमकर निशाना साधा।
हालांकि उन्होने विधानसभा चुनाव लड़ने को लेकर अभी कोई सीट तय होने की बात नहीं कही है। उनका कहना है कि अखिलेश यादव के निर्देश पर वह पार्टी के लिए काम करेंगे और जहां जिम्मेदारी मिलेगी, वहां भूमिका निभाएंगे। मयंक ने पाला बदल लिया है, अब देखना होगा कि उनकी नई राजनीतिक पारी सपा के लिए किस रूप में सामने आती है।