महाराष्ट्र के अमरावती में इस साल के गणेशोत्सव के दौरान 15,500 चॉकलेट से बनी अनोखे गणपति बप्पा की मूर्ति श्रद्धालुओं के लिए आकर्षण का केंद्र बनी हुई है। अमरावती के रतनगंज गणेशोत्सव मंडल (Ratanganj Ganeshotsav Mandal) ने अपनी 32 वर्षों की परंपरा को बरकरार रखते हुए इस बेहद आकर्षक और पर्यावरण-अनुकूल (Eco-friendly) मूर्ति को तैयार किया है।
Amravati’s Unique Chocolate Ganesha : महाराष्ट्र के अमरावती में इस साल के गणेशोत्सव के दौरान 15,500 चॉकलेट से बनी अनोखे गणपति बप्पा की मूर्ति श्रद्धालुओं के लिए आकर्षण का केंद्र बनी हुई है। अमरावती के रतनगंज गणेशोत्सव मंडल (Ratanganj Ganeshotsav Mandal) ने अपनी 32 वर्षों की परंपरा को बरकरार रखते हुए इस बेहद आकर्षक और पर्यावरण-अनुकूल (Eco-friendly) मूर्ति को तैयार किया है। यहां कभी मोतियों से, कभी शंख से, कभी मसालों और नारियल से, तो कभी दीयों से गणपति बनाए जाते हैं।
इस साल के गणेशोत्सव के लिए मंडल ने चॉकलेट को चुना और एक बेहद आकर्षक Ganpati Bappa की मूर्ति तैयार की। बप्पा के इस रूप को सजाने के लिए पूरे 15,500 चॉकलेटों का इस्तेमाल किया गया है। दूर से देखने पर, Chocolate के अनगिनत छोटे-छोटे टुकड़ों से बनी बप्पा की यह मूरत हर किसी का ध्यान अपनी ओर खींच लेती है।
यह पूरी तरह से एक Eco-friendly पहल है। विसर्जन के दौरान मिट्टी का मूल ढांचा होने की वजह से पूरी मूर्ति पानी में आसानी से घुल जाएगी। Immersion के कुछ ही घंटों के भीतर मिट्टी के साथ-साथ इस पर लगी चॉकलेट भी पानी में पूरी तरह विलीन हो जाएगी।