दुनिया में फैशन और लग्जरी का केंद्र माने जाने वाले फ्रांस में इन दिनों परफ्यूम उद्योग में एक बड़ा बदलाव देखने को मिल रहा है। फ्रांस दुनिया की "परफ्यूम राजधानी" (Perfume Capital) माना जाता है। यहाँ के इत्र न सिर्फ खुशबू बल्कि अपनी शानदार कांच की बोतलों (Flacons) और भव्य पैकेजिंग के लिए भी जाने जाते हैं।
नई दिल्ली। दुनिया में फैशन और लग्जरी का केंद्र माने जाने वाले फ्रांस में इन दिनों परफ्यूम उद्योग में एक बड़ा बदलाव देखने को मिल रहा है। फ्रांस दुनिया की “परफ्यूम राजधानी” (Perfume Capital) माना जाता है। यहाँ के इत्र न सिर्फ खुशबू बल्कि अपनी शानदार कांच की बोतलों (Flacons) और भव्य पैकेजिंग के लिए भी जाने जाते हैं।
लोग महंगे ब्रांड्स के परफ्यूम खत्म होने पर उनकी खूबसूरत कांच की बोतलों को फेंक नहीं रहे हैं, बल्कि उन्हें दोबारा रिफिल (Refill) करा रहे हैं। पर्यावरण और जेब दोनों को फायदा पहुँचाने वाला यह ‘रीफिल कल्चर’ फ्रांस में बेहद तेज़ी से लोकप्रिय हो रहा है।
कैसे काम करता है यह रिफिल सिस्टम?
पेरिस और फ्रांस के बड़े शहरों में जब ग्राहकों के महंगे परफ्यूम खत्म हो जाते हैं, तो वे अपनी खाली बोतल लेकर सीधे ब्रांड के ऑफिशियल स्टोर पर पहुँचते हैं। वहाँ लगे विशेष ‘परफ्यूम फाउंटेन’ (Perfume Fountains) के ज़रिए स्टोर स्टाफ ग्राहक की ही पुरानी बोतल में असली परफ्यूम दोबारा भर देता है। इसके अलावा, अब कई ब्रांड्स घर पर ही रीफिल करने के लिए इको-फ्रेंडली पैक्स भी बेच रहे हैं।
30% से 50% तक की भारी बचत। लग्जरी परफ्यूम इतने महंगे क्यों होते हैं? असल में इनकी कुल कीमत का एक बड़ा हिस्सा इत्र की खुशबू के अलावा क्रिस्टल ग्लास बोतल, हैवी कैप और आकर्षक बॉक्स की डिजाइनिंग पर खर्च होता है।
जब कोई ग्राहक अपनी पुरानी बोतल को दोबारा भरवाता है
उसे पैकेजिंग और नई कांच की बोतल का शुल्क नहीं देना पड़ता। ग्राहक सिर्फ अंदर मौजूद परफ्यूम (लिक्विड) की कीमत चुकाता है। इस प्रक्रिया से ग्राहकों को नया परफ्यूम खरीदने के मुकाबले 30% से 50% तक कम कीमत देनी पड़ती है।
फ्रांस सरकार के सख्त नियम और नीतियां
AGEC कानून (Anti-Waste and Circular Economy Law)
फ्रांस ने एकल-उपयोग (Single-use) प्लास्टिक और अनावश्यक पैकेजिंग कचरे को खत्म करने के लिए यह ऐतिहासिक कानून लागू किया। इसके तहत कंपनियों के लिए टिकाऊ और दोबारा इस्तेमाल योग्य (Reusable) विकल्प देना अनिवार्य बनाया गया है।
ईको-मॉड्यूलेशन (Eco-Modulation Tax)
सरकार पैकेजिंग पर टैक्स तय करते समय पर्यावरण-अनुकूल डिजाइनों को प्राथमिकता देती है। जो ब्रांड्स रीफिलेबल या आसानी से रीसायकल होने वाली बोतलें बनाते हैं, उन्हें टैक्स में छूट मिलती है, जबकि अत्यधिक कचरा फैलाने वाली पैकेजिंग पर भारी जुर्माना लगाया जाता है।
2030 तक का रिड्यूस और रीयूज़ टारगेट
फ्रांसीसी सरकार ने राष्ट्रीय लक्ष्य निर्धारित किया है जिसके तहत 2030 तक सभी फैशन और कॉस्मेटिक ब्रांड्स को अपनी कुल बिक्री का एक बड़ा हिस्सा रीफिलेबल या दोबारा इस्तेमाल योग्य पैकेजिंग फॉर्मेट में लाना अनिवार्य है।
उद्योग और उपभोक्ता पर इसका प्रभाव
लग्जरी ब्रांड्स की बाध्यता
सरकार के सख्त रुख के कारण ‘Chanel’, ‘Dior’ और ‘L’Oréal’ जैसे बड़े घरानों ने अपने नए परफ्यूम की बोतलों को ‘Refillable Engine’ के साथ री-डिजाइन करना शुरू कर दिया है। रिटेल स्टोर्स और मॉल में रीफिल स्टेशनों को स्थापित करना अब कानूनी व सामाजिक जिम्मेदारी बन चुका है। कड़े नियमों और सरकारी अभियानों की मदद से फ्रांसीसी उपभोक्ताओं के बीच रीफिल कराना एक गर्व की बात और पर्यावरण के प्रति जिम्मेदारी के रूप में देखा जा रहा है।
कौन-कौन से बड़े ब्रांड्स दे रहे हैं यह सुविधा?
फ्रांस के लगभग सभी नामी लग्जरी हाउसेस अब इस मॉडल को अपना चुके हैं।
Mugler : इस ब्रांड ने 1992 में सबसे पहले ‘फाउंटेन रीफिल’ सिस्टम की शुरुआत की थी। इनके Angel और Alien परफ्यूम्स आज भी सबसे ज़्यादा रीफिल किए जाते हैं।
Louis Vuitton : LV के बूटिक्स में ग्राहक अपनी 100ml और 200ml की बोतलों को प्रोफेशनल तरीके से रीफिल करा सकते हैं।
Dior : इनके ऑल-टाइम हिट Sauvage कलेक्शन के लिए विशेष रीफिल स्टेशन उपलब्ध हैं।
Guerlain & Lancôme: फ्रांस के ये पारंपरिक ब्रांड्स अपनी मशहूर बोतलों और परफ्यूम्स के लिए इन-स्टोर फाउंटेन सुविधा देते हैं।
Chanel, YSL & Prada: YSL Libre और Prada Paradoxe जैसे आधुनिक परफ्यूम्स को अब शुरुआत से ही रीफिलेबल फॉर्मेट में तैयार किया जा रहा है।
पर्यावरण की सुरक्षा में बड़ी भूमिका कांच और प्लास्टिक के कचरे को कम करने के लिए यह सिस्टम बेहद असरदार साबित हो रहा है। फ्रांस सरकार की एंटी-वेस्ट नीतियों के तहत भी कंपनियाँ टिकाऊ और रीफिलेबल पैकेजिंग को बढ़ावा दे रही हैं।
अगर आप भी फ्रांस जाने की योजना बना रहे हैं, तो अपनी खाली लग्जरी परफ्यूम बोतल साथ ले जाना न भूलें। बस जाने से पहले ब्रांड की आधिकारिक वेबसाइट पर यह ज़रूर जांच लें कि आपकी बोतल का मॉडल रीफिल के लिए उपलब्ध है या नहीं।