नई दिल्ली। जम्मू और कश्मीर भारत का अभिन्न अंग है। लेकिन पाकिस्तान इस आसान से तथ्य पर चाहे जितनी बहस करे या कितना ही प्रोपेगेंडा चलाए, लेकिन सच्चाई पूरी दुनिया को पता है। अब इस कड़ी में अमेरिका ने पाकिस्तान को बड़ा झटका दिया है। व्यापार समझौते के बाद कहीं ना कहीं अमेरिका ने पाकिस्तान को कश्मीर के मुद्दे पर भी साफ संदेश दे दिया है। अमेरिकी व्यापार प्रतिनिधि कार्यालय (United States Trade Representative) ने भारत का एक नक्शा जारी किया है, जिसमें जम्मू और कश्मीर को स्पष्ट रूप से भारत का हिस्सा दिखाया गया है।
पढ़ें :- पंजाब के किसानों का 'देश बचाओ मोर्चा': शंभू बॉर्डर सील, दिल्ली-कटड़ा एक्सप्रेस-वे पर आव-जाही पर रोक, अंबाला में धारा 163 लागू
ट्रेड डील के बाद अमेरिका ने जारी किया भारत का नक्शा
From tree nuts and dried distillers’ grains to red sorghum and fresh and processed fruit, the U.S.-India Agreement will provide new market access for American products. pic.twitter.com/mqpP10LJp1
— United States Trade Representative (@USTradeRep) February 6, 2026
पढ़ें :- ‘हम भारत को इतना बड़ा बाजार नहीं बनने देंगे कि वो हमें हरा दे...’ ट्रेड डील पर US के डिप्टी सेक्रेटरी की विवादित टिप्पणी
दरअसल, ट्रेड डील पर रूपरेखा तय होने के बाद अमेरिकी व्यापार प्रतिनिधि कार्यालय (यूएसटीआर) ने भारत का नक्शा जारी किया, जिसमें भारतीय क्षेत्र को स्पष्ट रूप से सीमांकित किया गया है। इस नक्शे में उत्तरी केंद्र शासित प्रदेश जम्मू और कश्मीर को भारत के हिस्से के रूप में दिखाया गया है, जिसमें पाकिस्तान द्वारा अवैध रूप से कब्जा किया गया हिस्सा यानी पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर (पीओके) भी शामिल है।
पाकिस्तान के प्रोपेगैंडा को बड़ा झटका
इस पोस्ट के जरिए बताया गया कि अमेरिकी उत्पादों की अब नए बाजार तक पहुंच बनेगी। भारत का नक्शा अमेरिकी व्यापार प्रतिनिधि कार्यालय द्वारा साझा किए गए एक ग्राफिक का हिस्सा था। जिसमें अमेरिका से आयात किए जाने वाले खाद्य पदार्थों में अमेरिकी मेवे, लाल ज्वार, ताजे और प्रसंस्कृत फल, सूखे अनाज (सूखे आसवन अनाज ) और अमेरिकी शराब और स्पिरिट शामिल हैं।
अब यह पोस्ट पाकिस्तान के प्रोपेगैंडा के लिए बड़ा झटका माना जा रहा है। जो कि बार-बार कश्मीर राग अलापने पर करार जवाब है। क्योंकि आमतौर पर इसमें साफ तौर पर बॉर्डर दिखाया जाता है। ऐसे में इस नक्शे के लिए वॉशिंगटन का रुख स्पष्ट है, जिसमें कोई बनावटी बात नहीं बल्कि ठोस तथ्य हैं। अमेरिका ने संकेत दिया है कि अमेरिकी नेतृत्व भारत के राजनीतिक मानचित्र से सहमत है, जो कि वास्तविकता का समर्थन करता है और निराधार क्षेत्रीय दावों के समर्थन में नहीं है।