अयोध्या। अयोध्या पुलिस (Ayodhya Police) और जिला प्रशासन (District Administration) की टीम राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले (Ram Mandir donation theft case) के आरोपी अनुकल्प मिश्रा (Anukalp Mishra) सहित सभी सात आरोपियों के घरों पर एक साथ छापेमारी कर सघन तलाशी ले रही है। बता दें कि यह कार्रवाई मंदिर परिसर से चढ़ावे की चोरी के मामले में साक्ष्य जुटाने और अवैध संपत्तियों का पता लगाने के लिए की जा रही है। पुलिस ने अनुकल्प मिश्रा (Anukalp Mishra) , अविनाश शुक्ला, रमा शंकर मिश्रा, रामशंकर यादव उर्फ टिन्नू यादव और मनीष यादव के घरों को खंगाला है। इस जांच के दौरान सोशल मीडिया परअनुकल्प मिश्रा के घर पर हुई भव्य रामकथा और चंपत राय की मौजूदगी का वीडियो सामने आया है।
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बता दें कि आरोपी अनुकल्प मिश्रा (Anukalp Mishra) ने अपने घर पर सात दिनों की भव्य रामकथा का आयोजन कराया था, जिस पर 50 लाख रुपये से अधिक खर्च किए जाने का दावा किया जा रहा है। 30 अप्रैल को इस रामकथा का सातवां दिन था। इस आयोजन के दौरान चंपत राय भी अनुकल्प मिश्रा के घर पहुंचे थे। दोनों के एक साथ मौजूद होने का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल है।
Video-अयोध्या चढ़ावा चोरी कांड के आरोपी अनुकल्प मिश्रा ने 50 लाख रुपये से अधिक खर्च कर किया था रामकथा भव्य आयोजन,पहुंचे थे चंपत राय pic.twitter.com/x5zqBioUy7
— Pardaphash Today (@PardaphashToday) July 3, 2026
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राम मंदिर में काम मिलते ही बदल गई हैसियत
अनुकल्प मिश्रा की चाची नेहा मिश्रा ने बताया कि राम मंदिर में काम करने के बाद से अनुकल्प और उसके परिवार की संपत्ति अचानक बढ़ गई। परिवार की हैसियत में बड़ा बदलाव आया और उन्होंने नया मकान, जमीन तथा खेत खरीद लिए। अनुकल्प के साथ-साथ उसके रिश्ते में दामाद लगने वाले लव कुश मिश्रा की हैसियत भी अचानक बदल गई। दूसरी तरफ, पुलिस मुख्य आरोपी अविनाश शुक्ला को कौशलपुरी के श्याम साधना योग केंद्र लेकर पहुंची, जहां 15 मिनट की पड़ताल में कुछ कागजात और हाल ही में खरीदी गई गाड़ी बरामद होने की बात सामने आई है।
सभी सात आरोपियों के घरों पर ढाई घंटे छापेमारी
पुलिस और प्रशासन की संयुक्त टीमों ने नयाघाट के स्वर्गद्वार इलाके में रहने वाले चाचा-भतीजे रामशंकर यादव उर्फ टिन्नू यादव और मनीष यादव समेत सभी सातों आरोपियों के घरों पर करीब डेढ़ से ढाई घंटे तक छापेमारी की। घर में गवाह के तौर पर मौजूद मनीष यादव के पड़ोसी ने बताया कि पुलिस ने एक-एक अलमारी, बक्से और पर्स का कोना-कोना छान मारा। दिलचस्प बात यह रही कि छापेमारी के बाद वापस जा रही पुलिस टीमों की प्रशासन की टीमों ने खुद तलाशी ली, यानी जांच कर रही पुलिस पर भी पूरी निगाह रखी जा रही थी।