नई दिल्ली। यूरोप इन दिनों समय भीषण हीटवेव की चपेट में है। फ्रांस की राजधानी पेरिस में तापमान 41 डिग्री (सामान्य से 17 डिग्री अधिक) तक पहुंचने के बाद एसी, कूलर और पंखों की बिक्री हजार गुना तक बढ़ गई है। फ्रांस की बड़ी हाइपरमार्केट चेन के मुताबिक, एक दिन में 30 हजार कूलिंग यूनिट बिकीं। ऑनलाइन बिक्री में भी कई गुना इजाफा हुआ है। बता दें, 1947 के बाद फ्रांस में जून की सबसे गर्म रात दर्ज की जा रही है। स्पेन, जर्मनी, फ्रांस और इटली में 230 से अधिक की मौत हो चुकी है। सबसे ज्यादा 200 से अधिक मौतें स्पेन में हुई हैं।
पढ़ें :- हर कोई अपने आप में अनूठा, 70 करोड़ महिलाएं देश की असली ताकत... छात्रों की गूंज कार्यक्रम में बोले राहुल गांधी
फ्रांस के शहर शांबे-ले-तूर (Champe-le-Tour) के एक सुपरमार्केट में लोग दुकान खुलने से पहले कतार में लग रहे हैं। एसी, कूलर व पंखे के लिए छीनाझपटी जैसी स्थिति है। सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो देख भारत के लोग अपनी हंसी नहीं रोक पा रहे हैं। वहीं दूसरी तरफ हमारे भारत का हाल देखिए कि उत्तर भारत में इस बार पारा 51 डिग्री सेल्सियस को छू गया, लेकिन मजाल है कि हमारे यहां कोई पैनिक हुआ हो! भारतीय तो दोपहर की कड़कती धूप में भी नुक्कड़ पर खड़े होकर गर्मा गर्म चाय पीते हुए आराम से चिल कर रहे हैं।
फ्रांस के शैम्बरी से आया हैरान करने वाला वीडियो
बताते चलें कि फ्रांस इस समय ‘ओमेगा ब्लॉक’ (Omega Block) नाम के एक खतरनाक वेदर पैटर्न और ‘हीट डोम’ की चपेट में है। इसके कारण पेरिस से लेकर शैम्बरी तक तापमान 35°C से 40.9°C के पार जा पहुंचा है। यूरोपीय देशों के लिए यह तापमान किसी बड़ी आपदा से कम नहीं है, क्योंकि वहां के घरों में न तो कूलर और न ही AC होते हैं ।
Ejderha sıcakları sebebiyle Fransa'da vantilatör ve klima karambolu yaşandı. İşte o anlar…
pic.twitter.com/r6KwsvNCdf पढ़ें :- BJP की नई टीम से मिले पीएम मोदी, पार्टी मुख्यालय में राष्ट्रीय पदाधिकारियों के साथ खिंचवाई तस्वीर
— Hava Forum (@HavaForum) June 25, 2026
जैसे ही शैम्बरी शहर के एक बड़े मॉल का दरवाजा खुला, गर्मी से परेशान दर्जनों लोग पागलों की तरह भागते नजर आए। वीडियो में साफ दिख रहा है कि लोग AC यूनिट्स और कूलिंग फैन्स पर ऐसे झपट रहे हैं, जैसे यही दुनिया का आखिरी AC या कूलर है। धक्का-मुक्की, गाली-गलौज और छीना-झपटी के बीच दुकान का स्टाफ मूकदर्शक बनकर खड़ा रहा। हालत यह है कि फ्रांस सरकार को मेडिकल इमरजेंसी लगानी पड़ी है, शराब पीने पर बैन लगाना पड़ा है और 13,000 से ज्यादा स्कूल बंद करने पड़े हैं।
ऐसा क्यों हो रहा है?
विज्ञान की भाषा में समझें तो फ्रांस और यूरोपीय देशों का इंफ्रास्ट्रक्चर (बुनियादी ढांचा) केवल ठंड झेलने के लिए बनाया गया है। वहां की दीवारें गर्मी को सोखकर अंदर ही रोक लेती हैं। ऐसे में जब अचानक तापमान 35 डिग्री पार होता है, तो घर ‘तंदूर’ बन जाते हैं। दूसरी तरफ, भारतीयों का शरीर और हमारी जीवनशैली 45+ डिग्री झेलने के लिए बचपन से ही ‘प्रोग्राम्ड’ है!
पढ़ें :- Mark Zuckerberg's luxurious mansion : मार्क जकरबर्ग ने खरीदा 335 करोड़ का आलीशान महल, जानें एरिया और खासियत
फ्रांस के लोग जहां इस समय सूरज की तपिश से त्राहि-त्राहि कर रहे हैं, वहीं भारतीय मीमर्स लिख रहे हैं कि भाई लोग, फ्रांस में कूलर और ORS का एक्सपोर्ट शुरू करो, मोटा पैसा कमाएंगे!” खैर, ये तो रही मजाक की बात, लेकिन लगातार बढ़ता धरती का तापमान भारत हो या फ्रांस किसी भी देश के लोगों के लिए अच्छा नहीं है और ये पर्यावरण के लिए एक खतरे की घंटी है, जिसे हमें समय रहते ही सुनना होगा।