Celebi Aviation controversy: तुर्की ने पहलगाम आतंकी हमले के बाद भारत की सैन्य कार्रवाई ऑपरेशन सिंदूर की निंदा की और पाकिस्तान का खुलकर समर्थन किया है। जिसके बाद भारत में तुर्की के खिलाफ विरोध प्रदर्शन हो रहे हैं। लोगों ने पाकिस्तान का समर्थन करने वाले तुर्की के व्यापारिक बहिष्कार की मांग की है। भारतीय विमानन सुरक्षा ब्यूरो (BCAS) ने तुर्की की कंपनी सेलेबी एविएशन के सिक्योरिटी क्लियरेंस रद्द कर दिया है। जिसके बाद कंपनी ने सफाई देते हुए कहा है कि वह तुर्की संगठन नहीं है और न ही उसका राष्ट्रपति रेसेप तैयप एर्दोआन के परिवार, खासकर उनकी बेटी सुमेये एर्दोगन से कोई संबंध है।
पढ़ें :- कर्नाटक में सीएम की कुर्सी को लेकर आखिर क्या चल रहा? केसी वेणुगोपल ने बताया कांग्रेस शीर्ष नेतृत्व के साथ बैठक में किस बात की हुई चर्चा
दरअसल, सोशल मीडिया पर सेलेबी एविएशन को तुर्की के राष्ट्रपति रेसेप तैयप एर्दोआन के परिवार, खासकर उनकी बेटी सुमेये एर्दोगन से जोड़ा जा रहा था। इस पर कंपनी ने दावों को “झूठा और भ्रामक” बताते हुए खारिज कर दिया है। कंपनी ने एक बयान जारी कर कहा, “हम स्पष्ट रूप से इस तरह की सभी अफवाहों को खारिज करते हैं। कंपनी का न तो किसी राजनीतिक व्यक्ति से संबंध है और न ही तुर्की सरकार से कोई जुड़ाव।” बयान में आगे कहा गया, “सेलेबी की मूल कंपनी में सुमेये एर्दोगन का कोई शेयर नहीं है। इसके स्वामित्व में केवल सेलेबिओग्लू परिवार के सदस्य- कैन सेलेबिओग्लू और मिस कैनन सेलेबिओग्लू शामिल हैं, जिनका किसी भी राजनीतिक दल या सरकार से कोई संबंध नहीं है।”
सेलेबी एविएशन ने स्पष्ट किया कि कंपनी का स्वामित्व 65% कनाडा, अमेरिका, ब्रिटेन, सिंगापुर, यूएई और पश्चिमी यूरोप जैसे देशों के अंतरराष्ट्रीय निवेशकों के पास है। इस 65% में से 15% हिस्सेदारी एक डच कंपनी ‘Alpha Airport Services BV’ के पास है, जबकि तुर्की के Celebioglu परिवार के दो सदस्यों- जान और कैनन Celebioglu के पास संयुक्त रूप से 35% हिस्सेदारी है, दोनों किसी भी राजनीतिक संगठन से जुड़े नहीं हैं। कंपनी ने यह भी दावा किया कि वह भारत में पिछले 15 साल से काम कर रही है। उसकी ओर से देश के 9 प्रमुख हवाई अड्डों पर ज़मीन पर विमान संचालन और कार्गो सेवाएं उपलब्ध करायी जा रही हैं। वह सीधे तौर पर 10000 से अधिक भारतीयों को रोज़गार देती है और अब तक 220 मिलियन डॉलर से अधिक का निवेश कर चुकी है।