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ED ने मारी रेड तो दीवार फांदकर भागने लगे MLA, नाले में फेंका फोन, फिर यूं हुए अरेस्ट

By santosh singh 
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नई दिल्ली। प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने पश्चिम बंगाल में स्कूलों में शिक्षकों और कर्मचारियों की भर्ती में कथित अनियमितताओं की जांच के सिलसिले में छापेमारी के बाद सोमवार को सत्तारूढ़ तृणमूल कांग्रेस के विधायक (TMC MLA) जीवन कृष्ण साहा को गिरफ्तार कर लिया है । सूत्रों ने बताया कि पश्चिम बंगाल (West Bengal) के मुर्शिदाबाद जिले में विधायक के आवास पर ली गई तलाशी के बाद उन्हें केंद्रीय जांच एजेंसी ने हिरासत में ले लिया।

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सूत्रों के अनुसार, विधायक ने छापेमारी के दौरान एक दीवार फांदकर अपने घर से भागने की कोशिश की। उन्होंने अपने घर के पीछे एक नाले में अपने फोन भी फेंक दिए। हालांकि, बाद में अधिकारियों ने उस फोन को भी बरामद कर लिया गया। छापेमारी के वीडियो और तस्वीरों में विधायक को भीगते हुए दिखाया गया है, जिसे ईडी (ED) और केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (CRPF) के अधिकारी उस क्षेत्र से ले जा रहे हैं, जहां चारों ओर पेड़-पौधे और कूड़ा-कचरा पड़ा हुआ है। सूत्रों ने बताया कि बुरवान विधानसभा क्षेत्र के विधायक को धन शोधन निवारण अधिनियम (PMLA) के तहत एजेंसी के साथ सहयोग न करने के आरोप में गिरफ्तार किया गया है।

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रिश्तेदारों और सहयोगियों के ठिकानों पर भी रेड उन्होंने बताया कि विधायक के कुछ रिश्तेदारों और सहयोगियों के परिसरों पर भी छापे मारे गए हैं। केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (CBI) ने इस ‘घोटाले’ में कथित संलिप्तता के लिए साहा को 2023 में गिरफ्तार किया था और बाद में रिहा कर दिया गया था। ईडी (ED) का धन शोधन का मामला सीबीआई (CBI) द्वारा दर्ज की गई एक प्राथमिकी से उत्पन्न हुआ है, जिसे कलकत्ता उच्च न्यायालय ने समूह ‘सी’ और ‘डी’ कर्मचारियों, कक्षा 9 से 12 तक के सहायक शिक्षकों और प्राथमिक शिक्षकों की भर्ती में कथित अनियमितताओं की जांच करने का निर्देश दिया था।

अब तक इन लोगों की हो चुकी गिरफ्तारी इससे पहले ईडी (ED) ने इस मामले में पश्चिम बंगाल के पूर्व शिक्षा मंत्री पार्थ चटर्जी (Former Education Minister of West Bengal Partha Chatterjee) , उनकी कथित सहयोगी अर्पिता मुखर्जी (Arpita Mukherjee) , तृणमूल विधायक और पश्चिम बंगाल प्राथमिक शिक्षा बोर्ड के पूर्व अध्यक्ष माणिक भट्टाचार्य (Trinamool MLA and former chairman of West Bengal Primary Education Board Manik Bhattacharya) के अलावा कुछ अन्य लोगों को गिरफ्तार किया था। तृणमूल ने ईडी द्वारा गिरफ्तार किए जाने के बाद चटर्जी को निलंबित कर दिया था। जांच एजेंसी ने इस मामले में अभी तक चार आरोपपत्र दाखिल किए हैं।

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