लखनऊ। समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने सोमवार को यूपी की राजधानी लखनऊ में एक महिला पत्रकार से हुई छेड़छाड़ का एक्स एकाउंट पर सोमवार को वीडियो शेयर कर योगी सरकार पर बड़ा हमला बोला है। श्री यादव ने कहा कि जब पत्रकार महिला तक असुरक्षित है तो शेष तो फिर शेष ही हैं।
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जब पत्रकार महिला तक असुरक्षित है तो शेष तो फिर शेष ही हैं। pic.twitter.com/UYdKF23U40
— Akhilesh Yadav (@yadavakhilesh) June 30, 2025
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भाजपा के अपने ‘भाजपाई महाभ्रष्टाचार : ट्रेनिंग मैन्युअल’ में एक अध्याय का नाम है ‘कॉरीडोर करेप्शन’
अखिलेश यादव ने सोमवार को एक्स एकाउंट पर लिखा कि भाजपा के अपने ‘भाजपाई महाभ्रष्टाचार : ट्रेनिंग मैन्युअल’ में एक अध्याय का नाम है ’कॉरीडोर करेप्शन’। उन्होंने लिखा कि कैसे नियंत्रण, धन, संपत्ति, कोष को हथियाएं? कैसे सरकारीकरण करें? कैसे चढ़ावे को बेचकर भाजपाई अपनी जेब भरें और कैसे सुविधाओं के नाम पर जनता को गुमराह करें?
कैसे परिसरीय ज़मीन पर क़ब्ज़ा करें? कैसे मुआवज़े के नाम पर कमाई करें? कैसे ज़मीनों को औने-पौने दामों में ख़रीदें और कैसे बाद में दसों गुना रेट पर ज़मीन बेचें? कैसे छोटी दुकानों और उनकी कमाई को मटियामेट कर दें?
अखिलेश ने लिखा कि भाजपा सरकार कैसे बड़े शोरूमों से इकट्ठा पैसा लेकर उन्हें स्थानीय लोगों का कारोबार छीन कर दे दें? कैसे स्थानीय कारीगरी की कलाकृतियों की दुकानें उजाड़ें? कैसे परंपरागत व्यवसायवालों को ये स्थान छोड़ने पर मजबूर करें? कैसे बड़े व्यापारियों से कमीशन खाकर उनका सामान बेचें?
उन्होनें कहा कि बीजेपी कैसे लोगों के जीवनयापन का साधन व घर-दुकान छीनकर सदियों से बसे लोगों को उजाड़ें? कैसे अपने बाहरी लोगों को लाभ पहुंचाकर यहां स्थापित करें? कैसे बाहरी लोगों के सहारे राजनीति करें? कैसे स्थानीय-बाहरी में विभाजन करें? कैसे चुनावी गणित को बदलें और कैसे आस्था को व्यापार बनाएं?
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एक सीधा सवाल ये है कि कॉरीडोर या विकास के नाम पर जो भी गोरखधंधा हो रहा है अगर उसका लाभ स्थानीय लोगों को मिला होता तो भाजपा ऐसी जगहों पर क्यों हारती या हारते-हारते बचती जहां ये सब हुआ है?