गर्मी और बरसात के मौसम में कई लोगों को सिरदर्द और माइग्रेन Migraine की प्रॉबलम ज्यादा होने लगती है। तेज धूप में निकालना और उमसभरी गर्मी ये सब काफी प्रॉबलम क्रिएट करते हैं। इस कारण ये परेशान और बढ़ जाती है।इसीलिए माइग्रेन के मरीजों को ज्यादा गर्मी और उमस की वजह से परेशानियों का सामना करना पड़ जाता है। अगर आपको भी माइग्रेन है तो ये आर्टिकल आपके लिए है। इसमें हम बताएँगे कि गर्मी और उमस में माइग्रेन क्यों बढ़ता है और इससे बचाव के क्या उपाय हैं।
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गर्मी और उमस का माइग्रेन से क्या संबंध है?
वैज्ञानिक शोधों के अनुसार, गर्मी और उमस भरे मौसम में माइग्रेन की प्रॉबलम बढ़ जाती हैं। एक रिसर्च में पाया गया तापमान में हर 6 डिग्री सेल्सियस की बढ़ोतरी होने पर सिरदर्द का खतरा 6% तक बढ़ जाता है। इसके पीछे कई कारण हो सकते हैं-
1 – डिहाइड्रेशन- गर्मी और उमस के कारण पसीना ज्यादा होता है, जिससे शरीर में पानी और इलेक्ट्रोलाइट्स की कमी हो जाती है। यह माइग्रेन को ट्रिगर कर सकता है।
2 – तापमान में अचानक बदलाव- एसी से बाहर निकलने या धूप में जाने पर शरीर को तापमान के इस बादलाव के कारण सिर मे दर्द होने लगता है।
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3 – ह्यूमिडिटी का असर- उमस भरे मौसम में शरीर का पसीना ठीक से नहीं सूख पाता, जिससे शरीर का तापमान कंट्रोल नहीं हो पाता और सिरदर्द हो सकता है।
गर्मी और उमस में माइग्रेन से बचाव के उपाय
: पानी जरूरत अनुसार पिएं- डिहाइड्रेशन से बचने के लिए दिनभर में कम से कम 2-3 लीटर पानी पिएं। नारियल पानी, छाछ और इलेक्ट्रोलाइट ड्रिंक्स भी फायदेमंद होते हैं।
: धूप से बचाव करें- बाहर निकलते समय सनग्लास, टोपी या छाते का इस्तेमाल करें। सीधी धूप में लंबे समय तक न रहें।
: ठंडे पानी से स्नान करें- गर्मी में शरीर का तापमान कम करने के लिए ठंडे पानी से नहाएं या माथे पर ठंडा कपड़ा रखें।
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: भरपूर नींद लें- नींद की कमी भी माइग्रेन को ट्रिगर कर सकती है, इसलिए 7-8 घंटे की अच्छी नींद लें।
: प्रदूषण से बचें- गर्मी में वायु प्रदूषण बढ़ जाता है, जो सिरदर्द का कारण बन सकता है। मास्क पहनकर बाहर निकलें।