वाशिंगटन/तेहरान: मध्य पूर्व में जारी जंग के बीच एक बड़ी कूटनीतिक जीत हासिल हुई है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप (US President Donald Trump) ने ईरान के साथ चल रहे युद्ध में दो सप्ताह (14 दिन) के अस्थायी युद्धविराम की आधिकारिक एलान किया है। खबरों के मुताबिक पता चला है कि यह महत्वपूर्ण समझौता पाकिस्तान की मध्यस्थता के बाद संभव हो पाया है। इस युद्धविराम के तहत ईरान ने एक महत्वपूर्ण सहूलियत दी है, जिसमें उसने वैश्विक व्यापार के लिए रणनीतिक रूप से महत्त्व रखने वाला होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) को व्यावसायिक जहाजों के लिए फिर से खोलने की शर्तों को मान लिया है। पिछले कई हफ्तों से चल रहे भीषण तनाव और सैन्य हमलों के बाद, यह घोषणा पुरे विश्व में अर्थव्यवस्था और सुरक्षा के लिहाज़ से एक टर्निंग पॉइंट के रूप में देखी जा रही है।
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इस युद्धविराम को सफल बनाने में पाकिस्तान ने प्रमुख मध्यस्थता की है। कूटनीतिक सूत्रों के अनुसार, पिछले 48 घंटों से पकिस्तान की राजधानी इस्लामाबाद में उच्च स्तरीय गुप्त बैठकें चल रही थीं। पाकिस्तान की इस पहल को अमेरिका और ईरान दोनों ने स्वीकार किया, जिसके बाद राष्ट्रपति ट्रंप ने शांति का मार्ग उत्तम करने के लिए 2 सप्ताह का समय दिया है।
समझौते की सबसे महत्वपूर्ण शर्त होर्मुज जलडमरूमध्य को खोलना है। ईरान ने अपनी शर्त को मानते हुए इस रणनीतिक समुद्री मार्ग को व्यावसायिक जहाजों के लिए फिर से खोलने का वादा किया है। दुनिया का लगभग 20% कच्चा तेल होर्मुज के रास्ते से ही गुजरता है। ईरान द्वारा इसे ब्लॉक किए जाने की धमकी के बाद वैश्विक तेल का संकट गहरा गया था, जो अब टलता दिख रहा है।
वैश्विक तेल बाजार में ‘क्रैश’ और शेयर बाजार में ‘बूम’
युद्धविराम की खबर का सीधा असर ग्लोबल मार्केट पर पड़ा है। ब्रेंट क्रूड की कीमतों में 15% से 16% तक की भारी गिरावट दर्ज की गई है क्युकि कल तक जो तेल $110 के पार जा रहा था, वह अब $92-$94 प्रति बैरल के स्तर पर आ गया है। साथ ही भारत के निवेशकों के लिए यह खबर लॉटरी साबित हुई। आज BSE Sensex में 2,600 अंकों से ज्यादा की बढ़ोतरी देखी गई, जो कि हाल के वर्षों में एक दिन की सबसे बड़ी तेजी है।
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इजरायल और जमीनी हकीकत
भले ही युद्धविराम का एलान हो गया है, लेकिन जमीन पर स्थिति अभी भी अतिसंवेदनशील है। हांलाकि इजरायल ने स्पष्ट किया है कि वह ईरान के साथ इस अस्थायी शांति का समर्थन करता है, लेकिन हिज्बुल्लाह और लेबनान की सीमा पर अपनी सुरक्षा से समझौता नहीं करेगा। आज सुबह भी सीमावर्ती क्षेत्रों में थोड़ी बहुत सैन्य हलचल देखी गई, जिसे ‘अंतिम प्रहार’ समझा जा रहा है।
आगे क्या होगा?
10 अप्रैल को इस्लामाबाद में दोनों देशों के राजनयिक एक स्थायी शांति समझौते के लिए टेबल पर बैठेंगे। अमेरिका ने आभास कराया हैं कि यदि ईरान शर्तों का पालन करता है, तो उसे कुछ आर्थिक प्रतिबंधों में छूट दी जा सकती है।
रिपोर्ट: सुशील कुमार साह