नई दिल्ली। मई के महीने में ही देशभर में गर्मी का पारा 45 डिग्री सेल्सियस के उपर पहुंच गया है। इस भीषण गर्मी का असर हमारे साथ—साथ हमारे सबसे जरूरी गैजेट यानी स्मार्टफोन पर भी पड़ रहा है। लगातार बढ़ते तापमान की वजह से फोन के गर्म होने, हैंग होने और यहां तक कि बैटरी फटने की घटनाएं भी तेजी से सामने आ रही हैं। इस मौसम में स्मार्टफोन को सुरक्षित रखने के लिए टेक एक्सपर्ट्स ने विशेष गैजेट केयर एडवाइजरी जारी की है।
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स्मार्टफोन के दुश्मन हैं ये मुख्य कारण
विशेषज्ञों का मानना है कि 45 डिग्री के तापमान में फोन के अंदरूनी पार्ट्स का तापमान 50 से 60 डिग्री तक पहुंच जाता है। स्मार्टफोन में लिथियम-आयन से बनी बैटरी इस्तेमाल होती है जो एक निश्चित तापमान के बाद तेजी से रिएक्ट करती है। इसके अलावा फोन को सीधे धूप में रखने या चार्जिंग के दौरान उस पर हैवी टास्क करने पर ‘थर्मल रनअवे’ की स्थिति पैदा हो जाती है, जो ब्लास्ट की वजह बनती है।
इन गंभीर गलतियों से तुरंत बचें
धूप में खड़ी कार के डैशबोर्ड का तापमान 70 डिग्री तक या उससे भी उपर जा सकता है, इसलिए भूलकर भी वहां फोन को न छोड़ें। इसके अलावा कभी भी फोन को कवर के साथ चार्जिंग में न लगाएं क्योंकि प्लास्टिक और लेदर के बने कवर फोन की गर्मी को बाहर नहीं निकलने देते हैं। यदि आप फास्ट चार्जिंग के दौरान गेम खेलते है तो फोन का बैक कवर निकाल दें और साथ ही सोते समय फोन को चार्ज पर लगाकर बिस्तर या तकिये के नीचे रखने से बचें क्योंकि ऐसा करने से फोन का वेंटिलेशन रुक जाता है। इसके अलावा स्क्रीन की ब्राइटनेस कम रखें और बैकग्राउंड में चलने वाले जीपीएस (GPS), ब्लूटूथ और वाई-फाई को भी बंद रखें। साथ ही अपने फोन को चार्ज करने के लिए हमेशा फोन के साथ आए ओरिजिनल चार्जर का ही इस्तेमाल करें क्योंकि लोकल चार्जर ओवरहीटिंग बढ़ाते हैं।
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कभी न करें ये काम
अगर आपका फोन अत्यधिक गर्म हो चुका है, तो उसे तुरंत ठंडा करने के लिए फ्रीज में रखने के बजाय सामान्य पंखे की हवा में या एयरप्लेन मोड ऑन करके धीरे-धीरे ठंडा होने दें, क्योंकि ऐसा करने से फोन का तापमान अचानक बदल जाएगा और फोन के अंदर मॉइस्चर (नमी) आ जाएगा, जिससे फोन पूरी तरह से डेड हो सकता है।