मॉस्को। एक बार फिर रूस और यूक्रेन के बीच चल रहे युद्ध ने विनाशकारी मोड़ ले लिया है। दोनों ओर से हुए भीषण मिसाइल और ड्रोन हमलों में पिछले 24 घंटों में कुल आठ नागरिकों की मौत हो गई है, जबकि 45 से अधिक लोग गंभीर रूप से घायल हैं। इस बीच, दोनों देशों के सैन्य रणनीतिकारों ने माना है कि बेहद उन्नत एयर डिफेंस सिस्टम के बावजूद अब इन हमलों को रोकना लगभग असंभव होता जा रहा है।
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यूक्रेन में भारी गोलाबारी
यूक्रेन के प्रमुख शहरों और ऊर्जा ठिकानों को रूसी सेना ने निशाना बनाते हुए कंबाइंड मिसाइल और ड्रोन हमले किए। इन हमलों में छह निर्दोष नागरिकों की जान चली गई, जबकि 40 अन्य घायल हो गए। इसकी जवाबी कार्रवाई करते हुए यूक्रेन ने भी रूस के भीतर तक ड्रोन से हमले किए। रूसी क्षेत्र ब्रियांस्क में हुए एक ड्रोन हमले में दो रूसी नागरिकों की मौत हो गई और पांच लोग घायल हुए हैं। सिर्फ इतना ही नहीं दोनों देशों ने एक-दूसरे के तेल डिपो, रिफाइनरियों, रसद केंद्रों और समुद्री जहाजों पर भारी बमबारी भी की है।
एयर डिफेंस फेल होने के बड़े कारण यूक्रेन के राष्ट्रपति
‘वोलोडिमिर जेलेंस्की’ ने वैश्विक मंचों पर चिंता जताते हुए कहा है कि पश्चिमी देशों से एंटी-बैलिस्टिक मिसाइलों और एयर डिफेंस की खेप समय पर उपलब्ध नहीं होने के कारण आसमान को सुरक्षित रखना मुश्किल हो रहा है। हांलाकि रूस यूक्रेन के रडार और एयर डिफेंस सिस्टम भ्रमित करने के लिए अब असली मिसाइलों के साथ बड़े पैमाने पर छद्म मिसाइलों और नकली लक्ष्यों का इस्तेमाल कर रहा है।
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ड्रोन और मिसाइलों की बौछार
मौजूदा समय में स्थिती ऐसी बनी हुई है कि दोनों पक्ष एक साथ सैकड़ों की संख्या में आत्मघाती ड्रोन दाग रहे हैं, जिससे किसी भी एयर डिफेंस सिस्टम की क्षमता कम पड़ रही है। सूत्रों के अनुसार, रक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि यदि यूक्रेन को तुरंत आधुनिक हवाई रक्षा प्रणालियाँ और इंटरसेप्टर मिसाइलें नहीं मिलती हैं, तो आने वाले दिनों में उनके ऊर्जा बुनियादी ढांचे पूरी तरह बर्बाद हो सकते हैं। वहीं रूस के भीतर बढ़ते यूक्रेनी ड्रोन हमले राष्ट्रपति ‘पुतिन’ के लिए भी एक नई सुरक्षा चुनौती बनी हुई हैं।