नई दिल्ली: शिक्षा मंत्रालय (Ministry of Education) पेपर लीक (Paper Leaks) से बचने के लिए लगतार कदम उठाए जा रहे हैं। इसी बीच शनिवार को एक उच्च स्तरीय कमेटी का गठन किया गया है। भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (ISRO) के पूर्व प्रमुख के. राधाकृष्णन (Former chief K. Radhakrishnan) के नेतृत्व में इस कमेटी का गठन किया गया है। के. राधाकृष्णन (K. Radhakrishnan) को इस कमेटी का अध्यक्ष बनाया गया है, जबकि इस कमेटी में छह अन्य लोग भी शामिल होंगे। बता दें कि आए दिन पेपर लीक (Paper Leaks) के मामले सामने आ रहे थे, जिसके बाद सरकार ने नए कानून की अधिसूचना भी जारी की है। वहीं अब पेपर लीक (Paper Leaks) की घटनाओं को रोकने के लिए कमेटी का भी गठन कर लिया गया है।
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मंत्रालय के उच्च शिक्षा विभाग (Higher Education Department) ने कहा कि सात लोगों की ये समिति परीक्षा की प्रक्रियाओं में सुधार, डेटा सुरक्षा प्रोटोकॉल में सुधार और NTA के स्ट्रक्चर पर काम करेगी। इसके साथ ही समिति 2 महीने के अंदर शिक्षा मंत्रालय को अपनी रिपोर्ट सौंपेगी। इस हाई लेवल समिति के चेयरमैन के रूप में ISRO के पूर्व चेयरमैन डॉ. के. राधाकृष्णनन (ISRO Former chief K. Radhakrishnan) कार्यभार संभालेंगे। शिक्षा मंत्रालय (Ministry of Education) की ओर से गठित की गई उच्च स्तरीय समिति के अध्यक्ष एवं सदस्य इस प्रकार हैं-
1- डॉ. के. राधाकृष्णन (अध्यक्ष)
पूर्व अध्यक्ष, इसरो और अध्यक्ष बीओजी, आईआईटी कानपुर
2- डॉ. रणदीप गुलेरिया (सदस्य)
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पूर्व निदेशक, एम्स दिल्ली
3- प्रो. बी. जे. राव (सदस्य)
कुलपति, सेंट्रल यूनिवर्सिटी ऑफ हैदराबाद
4- प्रो. राममूर्ति के. (सदस्य)
प्रोफेसर एमेरिटस, सिविल इंजीनियरिंग विभाग, आईआईटी मद्रास
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5- श्री पंकज बंसल (सदस्य)
सह-संस्थापक, पीपल स्ट्रॉन्ग और बोर्ड सदस्य- कर्मयोगी भारत
6- प्रो. आदित्य मित्तल (सदस्य)
डीन स्टूडेंट अफेयर्स, आईआईटी दिल्ली
7- श्री गोविंद जायसवाल (सदस्य)
संयुक्त सचिव, शिक्षा मंत्रालय (भारत सरकार)