लखनऊ। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ (Uttar Pradesh Chief Minister Yogi Adityanath) और पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव (Former Chief Minister Akhilesh Yadav) के बीच जुबानी जंग छिड़ गई है। सोमवार को यूपी के मुख्यमंत्री ने कोडीन सिरप मामले पर बोलते हुए अखिलेश और उनके सहयोगी लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी (Leader of the Opposition Rahul Gandhi) पर निशाना साधा। यूपी के सीएम ने दोनों नेताओं को दो नमूने कहा। उन्होने कहा कि देश के अंदर दो नमूने हैं। एक दिल्ली में बैठता है और दूसरा लखनऊ में। जब भी देश में कोई चर्चा होती है, वे तुरंत देश छोड़कर भाग जाते हैं। मुझे लगता है कि आपके बबुआ के साथ भी ऐसा ही हो रहा है। वह भी फिर से इंग्लैंड की यात्रा पर देश छोड़ देंगे और आप लोग यहां चिल्लाते रहेंगे।
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आत्म-स्वीकृति!
किसी को उम्मीद नहीं थी कि दिल्ली-लखनऊ की लड़ाई यहाँ तक पहुँच जाएगी। संवैधानिक पदों पर बैठे लोग आपस में कुछ तो लोक-लाज रखें और मर्यादा की सीमा न लाँघें। भाजपाई अपनी पार्टी के अंदर की खींचातानी को चौराहे पर न लाएं। कहीं कोई बुरा मान गया तो वापस जाना पड़ेगा। pic.twitter.com/99SMGEgD7M
— Akhilesh Yadav (@yadavakhilesh) December 22, 2025
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जवाब में समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव (Samajwadi Party President Akhilesh Yadav) ने नेताओं से सार्वजनिक मर्यादा (public decorum) बनाए रखने का आग्रह किया और फिर बात को घुमाते हुए दावा किया कि बीजेपी सदस्यों को अपनी पार्टी के अंदरूनी झगड़ों को सार्वजनिक मंच पर नहीं लाना चाहिए। एक्स पर एक पोस्ट में एसपी प्रमुख ने कहा कि दिल्ली-लखनऊ की लड़ाई (Battle of Delhi-Lucknow) इस हद तक बढ़ जाएगी। इसकी किसी को उम्मीद नहीं थी। संवैधानिक पदों पर बैठे लोगों को कम से कम आपस में कुछ सार्वजनिक मर्यादा बनाए रखनी चाहिए और शिष्टाचार की सीमा पार नहीं करनी चाहिए। बीजेपी वालों को अपनी पार्टी के अंदरूनी झगड़ों को चौराहे पर नहीं लाना चाहिए। अगर कहीं किसी को बुरा लग गया, तो आपको पीछे हटना पड़ सकता है।