Adhik Mass Masik Durga Ashtami 2026 : सनातन धर्म अधिक मास को पुरूषोत्म मास कहा जाता है। भगवान पुरूषोत्म ने मलमास को यानि कि अधिक मास को अपना नाम दिया है। इस पूरे मास पर्यन्त भगवान श्रीहरि विष्णु की पूजा विशेष महत्व है। सनातन धर्म में ज्येष्ठ मास की अष्टमी तिथि का विशेष महत्व माना गया है। ये तिथि देवी दुर्गा को समर्पित की गई है। हर मास के शुक्ल पक्ष की अष्टमी तिथि के दिन मासिक दुर्गा अष्टमी का व्रत रखा जाता है। इस दिन भक्त पूरे विधि-विधान से मांं दुर्गा का व्रत और पूजन करते हैं। दुर्गा अष्टमी का दिन मां जगदंबा की कृपा प्राप्ति एक विशेष अवसर माना जाता है। धार्मिक मान्यता है कि इस दिन देवी दुर्गा के व्रत और पूजन से जीवन में खुशहाली आती है।
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इस साल अधिकमास की दुर्गा अष्टमी का व्रत कल यानी 23 मई को रखा जाने वाला है। ऐसे में आइए जानते हैं इस दुर्गा अष्टमी का शुभ मुहूर्त और मां दुर्गा की पूजा विधि।
पूजा विधि
पूजा में मां को सोलह श्रृंगार की साम्रगी, लाल चुनरी, लाल रंग के फूल आदि चढ़ाएं।
व्रत कथा का पाठ करें।
मां दुर्गा के मंत्रों का जाप अवश्य करें।
अंत में मां दुर्गा की आरती करके प्रसाद वितरित करें।