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Hair & Care: हर्बल के नाम पर बाजार में बिक रही मिलावटी मेहंदी, बाल रंगने से पहले जानें सच

By Sushil Sah 
Updated Date

Herbal Mehndi vs Natural Mehndi: आज के बदलते लाइफस्टाइल और बढ़ते प्रदूषण के कारण बालों रंग का सफेद होना एक आम समस्या बन चुका है। ऐसे में बालों को सुरक्षित तरीके से रंगने के लिए लोग केमिकल हेयर डाई को छोड़कर मेहंदी (Henna) की ओर रुख कर रहे हैं। आजकल बाजार में दो तरह की मेहंदी सबसे ज्यादा चलन में हैं, नेचुरल मेहंदी और हर्बल मेहंदी। लेकिन क्या आप जानते हैं कि आपके बालों के लिए इन दोनों में से कौन सी अधिक बेहतर और सुरक्षित है? तो आइए जानते हैं इन दोनों का अंतर और इस्तेमाल करने से पहले की जानेवाली अहम सावधानियां।

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क्या होती है नेचुरल मेहंदी?

नेचुरल मेहंदी पूरी तरह से शुद्ध पाउडर होता है जो हिना के पौधे (Lawsonia inermis) की हरी पत्तियों को सुखाकर तैयार किया जाता है। इसमें किसी भी प्रकार का रसायन, प्रिजर्वेटिव या कृत्रिम रंगों की मिलावट नहीं होती है। यह बालों को प्राकृतिक रूप से कंडीशन करती है और उन्हें एक सुंदर तांबे जैसा लाल-भूरा (Reddish-Brown) रंग देती है।

हर्बल मेहंदी के पीछे का सच

बाजार में मिलने वाली हर्बल मेहंदी के पैकेट पर दावा किया जाता है कि इसमें आंवला, रीठा, शिकाकाई, भृंगराज और नीम जैसी प्राकृतिक जड़ी-बूटियां शामिल हैं। निश्चित ही ये जड़ी-बूटियां बालों के लिए फायदेमंद होती हैं, लेकिन कई कमर्शियल ब्रांड्स इस मेहंदी को गहरा काला या बरगंडी रंग देने के लिए इसमें पैराफेनिलीनडायमाइन PPD (p-phenylenediamine), अमोनिया और अन्य हानिकारक सिंथेटिक डाइ मिला देते हैं। हांलाकि, हर्बल नाम होने के कारण लोग इसे पूरी तरह सुरक्षित समझ लेते हैं, जो कि एक बड़ा धोखा हो सकता है।

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दोनों में मुख्य अंतर कैसे पहचानें?

शुद्ध नेचुरल मेहंदी को बालों पर रंग छोड़ने में कम से कम तीन से चार घंटे का समय लगता है, ज​बकि केमिकल युक्त हर्बल मेहंदी सिर्फ 20 से 30 मिनट में ही बालों को गहरा काला रंग दे देती है। प्राकृतिक मेहंदी कभी भी बालों को एकदम डार्क ब्राउन या काला नहीं कर सकती। अगर कोई हर्बल मेहंदी ऐसा कर रही है, तो उसमें जरूर कोई रसायन मिलावट की गई है।

साइड इफेक्ट्स

नेचुरल मेहंदी से एलर्जी की संभावना बिल्कुल ही नहीं के बराबर होती है। इसके विपरीत, मिलावटी हर्बल मेहंदी से स्कैल्प में खुजली, बालों का रूखापन और गंभीर एलर्जी हो सकती है। हेयर एक्सपर्ट्स के अनुसार, हमेशा 100% शुद्ध नेचुरल मेहंदी ही बालों की सेहत के लिए सबसे बेहतर विकल्प होता है।

इसका उपयोग करने से पहले रखें विशेष ध्यान

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सबसे पहले पैकेट खरीदते समय उस पर लिखी सामग्री (Ingredients) को ध्यान से पढ़ें। यदि उस पर केमिकल डाइ या PPD मुक्त नहीं लिखा है, तो उसे बिल्कुल ही न खरीदें। इसके अलावा मेहंदी लगाने से 24 घंटे पहले कान के पीछे या त्वचा के छोटे हिस्से पर पैच टेस्ट (किसी खास केमिकल या सामग्री से त्वचा की एलर्जी) जरूर कराएं।

इसके अलावा यदि आप अपने बालों को काला रंग देना चाहते हैं, तो नेचुरल मेहंदी में इंडिगो पाउडर (नील के पौधे का पाउडर) मिलाकर लगाएं जो कि पूरी तरह से सुरक्षित और प्राकृतिक तरीका है।

निष्कर्ष

बालों को समय से पहले सफेद और डैमेज होने से बचाने के लिए हर्बल के भ्रामक विज्ञापनों में आने के बजाय शुद्ध प्राकृतिक हिना पाउडर का ही चुनाव करें।

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