Anti-Paper Leak Amendment Bill : संसद के मॉनसून सत्र का पहला सप्ताह हंगामें की भेंट चढ़ गया था। जिसके बाद आज फिर से दोनों सदनों की कार्यवाही शुरू होगी। इस दौरान लोकसभा में मोदी सरकार की ओर से पेपर लीक को रोकने के लिए 'पब्लिक एग्जामिनेशन संशोधन बिल' पेश किया जाएगा। मौजूदा सार्वजनिक परीक्षा (अनुचित साधनों की रोकथाम) अधिनियम, 2024 में सामान्य मामलों में 3 से 5 साल की जेल और संगठित अपराध के मामलों में 5 से 10 साल की सजा तथा कम से कम 1 करोड़ रुपये जुर्माने का प्रावधान है। जिसे सख्त बनाने के लिए सरकार नया संशोधन बिल ला रही है।
Anti-Paper Leak Amendment Bill : संसद के मॉनसून सत्र का पहला सप्ताह हंगामें की भेंट चढ़ गया था। जिसके बाद आज फिर से दोनों सदनों की कार्यवाही शुरू होगी। इस दौरान लोकसभा में मोदी सरकार की ओर से पेपर लीक को रोकने के लिए ‘पब्लिक एग्जामिनेशन संशोधन बिल’ पेश किया जाएगा। मौजूदा सार्वजनिक परीक्षा (अनुचित साधनों की रोकथाम) अधिनियम, 2024 में सामान्य मामलों में 3 से 5 साल की जेल और संगठित अपराध के मामलों में 5 से 10 साल की सजा तथा कम से कम 1 करोड़ रुपये जुर्माने का प्रावधान है। जिसे सख्त बनाने के लिए सरकार नया संशोधन बिल ला रही है।
जानकारी के अनुसार, पेपर लीक को रोकने के लिए ‘पब्लिक एग्जामिनेशन संशोधन बिल’ में 1- हर राज्य और केंद्र शासित प्रदेश में पेपर लीक मामलों की सुनवाई के लिए विशेष फास्ट ट्रैक कोर्ट गठित करने, 2- अदालतों में रोजाना सुनवाई और 3-चार्जशीट दाखिल होने के तीन महीने के भीतर ट्रायल पूरा करने का प्रस्ताव है। इसके अलावा, पेपर लीक और परीक्षा में अनुचित साधनों के इस्तेमाल से जुड़े मामलों की जांच दो महीने के भीतर पूरी करने और दोषी पाए जाने वाले व्यक्तियों को कम से कम 5 साल और अधिकतम 10 साल तक की जेल तथा 50 लाख रुपये तक का जुर्माने का प्रावधान है। वहीं, संगठित तरीके से पेपर लीक या परीक्षा में धांधली करने वाले गिरोहों के लिए सजा ज्यादा कड़ी का प्रावधान है। ऐसे मामलों में न्यूनतम 7 साल की जेल और 10 करोड़ रुपये तक का जुर्माना लगाया जा सकता है।