Afghanistan Earthquake Live : पूर्वी अफगानिस्तान के नंगरहर में रविवार, 31 अगस्त की देर रात आए भूकंप ने तबाही मचा दी है। पाकिस्तान सीमा के पास पूर्वी अफगानिस्तान में आए इस भूकंप की तीव्रता रिक्टर स्केल पर भले 6.0 रही लेकिन इससे जान-माल की बड़ी हानि हुई है। एएफपी की रिपोर्ट के अनुसार अफगानिस्तान के आंतरिक मंत्रालय ने बताया है कि इस भूकंप से 622 लोग मारे गए और हजारों घायल हो गए हैं। यह भूकंप रविवार रात 11:47 बजे स्थानीय समय पर आया, जो पाकिस्तान सीमा के पास है।
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अमेरिकी भूवैज्ञानिक सर्वेक्षण (USGS) के अनुसार 6.0 तीव्रता का भूकंप नंगाहार प्रांत के जलालाबाद शहर से 27 किमी पूर्व में केंद्रित था। भूकंप का केंद्र जमीन से सिर्फ 8 किमी (5 मील) की गहराई पर था। लगभग 20 मिनट बाद उसी प्रांत में दूसरा भूकंप आया, जिसकी तीव्रता 4.5 थी और गहराई 10 किलोमीटर थी।
नंगरहर स्वास्थ्य विभाग के प्रवक्ता अजमल दर्वाइश ने बताया कि मौतें और चोटें मुख्य रूप से जालालाबाद और आसपास के इलाकों में हुईं। 20 मिनट बाद 4.5 तीव्रता का दूसरा झटका आया। बाद में 5.2 तीव्रता का। अफगानिस्तान हिंदू कुश क्षेत्र में स्थित है,जहां टेक्टॉनिक प्लेट के कारण भूकंप आम हैं। तालिबान सरकार ने बचाव कार्य शुरू कर दिए हैं, लेकिन दुर्गम इलाकों में पहुंच मुश्किल। यह 2023 के 6.3 तीव्रता वाले भूकंप की याद दिलाता है, जिसमें 1500 से 4000 मौतें हुईं थीं।
मौतें, चोटें और तबाही
नंगरहर प्रांत स्वास्थ्य विभाग के प्रवक्ता अजमल दर्वाइश ने बताया कि सैकड़ों लोग मारे गए हैं। ज्यादातर मौतें घरों के ढहने से हुईं। प्रारंभिक रिपोर्ट्स में कहा गया कि जालालाबाद और आसपास के गांवों में मिट्टी के घर गिर गए।
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घायलों को स्थानीय अस्पतालों में भर्ती किया गया। कुनार प्रांत में भी हल्का कंपन महसूस हुआ। पाकिस्तान सीमा के पास होने से वहां भी झटके महसूस हुए, लेकिन कोई नुकसान नहीं। अफगानिस्तान की दुर्गम भौगोलिक स्थिति से बचाव कार्य मुश्किल है। तालिबान सरकार ने राहत टीम भेजी, लेकिन UN और अन्य एजेंसियां मदद की पेशकश की ।
अफगानिस्तान में क्यों आते हैं बार-बार झटके?
अफगानिस्तान हिंदू कुश क्षेत्र में है, जो टेक्टॉनिक्स प्लेट का सक्रिय जोन है। यहां इंडियन प्लेट का यूरोएशियन प्लेट से टकराव 39 मिमी/वर्ष की रफ्तार से होता है। पिछले 10 सालों में 300 किमी के दायरे में 10 भूकंप 6.0 से ऊपर आए। 2015 का 7.5 तीव्रता वाला भूकंप सबसे घातक था। 2023 का 6.3 तीव्रता वाला 1,500 मौतें ले गया। नंगरहर और कुनार जैसे पूर्वी प्रांत पाकिस्तान सीमा पर हैं, जहां फॉल्ट लाइन्स सक्रिय हैं। जलवायु परिवर्तन से भूस्खलन का खतरा बढ़ा है।