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करोड़ों का ‘सीएम ग्रिड’ प्रोजेक्ट पहली ही बारिश में बहा: धंसी सड़कें, दलदल में पलटीं 12 गाड़ियां; जनता बेहाल!

By Harsh Gautam 
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आगरा: मुख्यमंत्री के नाम पर सड़कों को वर्ल्ड क्लास बनाने के लिए शुरू की गई ‘सीएम ग्रिड योजना’ की पोल पहली ही बारिश ने खोल कर रख दी है। करोड़ों रुपये के इस प्रोजेक्ट के तहत बन रही सड़कें सोमवार रात हुई बारिश में ताश के पत्तों की तरह ढह गईं। बसई मंडी से इंद्रापुरम और अमर होटल तक की निर्माणाधीन सड़कें तीन से चार फीट तक धंस गईं, जिससे पूरा इलाका दलदल में तब्दील हो गया।

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पानी भरे गड्ढों में समाईं गाड़ियां

सड़कों पर दो-दो फीट तक पानी भरा होने के कारण वाहन चालक गड्ढों का अंदाजा नहीं लगा पाए और देखते ही देखते 12 कारें और वैन इन गहरे गड्ढों में फंसकर पलट गईं। एक वैगन-आर कार पलटने से उसमें सवार तीन लोग घायल हो गए, जिन्हें स्थानीय लोगों ने शीशा तोड़कर बाहर निकाला। इसके अलावा बिजली फॉल्ट ठीक करने जा रही टोरंट पावर की मरम्मत वैन और नगर निगम की कचरा गाड़ियां भी इस दलदल में फंस गईं, जिन्हें शाम तक हाइड्रा मशीनों की मदद से बाहर निकाला जा सका।

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90 करोड़ के बजट की 90 दिन में खुली पोल

इस बदइंतजामी ने अफसरों के दावों पर बड़े सवाल खड़े कर दिए हैं क्योंकि बसई मंडी से अमर होटल तक की इस सड़क को करीब 90.21 करोड़ रुपये की भारी-भरकम लागत से बनाया जा रहा है। मात्र 90 दिन पहले शुरू हुए इस काम में 10 फीट गहराई पर सीवर और पानी की लाइनें दबाकर ऊपर सिर्फ मिट्टी-गिट्टी डाल दी गई थी, जो पहली ही बारिश में बैठ गई। इस लापरवाही के कारण इलाके के करीब ढाई लाख लोग नरकीय स्थिति का सामना कर रहे हैं।

नमामि गंगे प्रोजेक्ट में भी बड़ी लापरवाही

 

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सिर्फ सीएम ग्रिड ही नहीं, ताजमहल के पास पुरानी मंडी से शाहजहां पार्क के बीच ‘नमामि गंगे योजना’ के तहत बिछाई गई सीवर लाइन वाला हिस्सा भी धंस गया, जहाँ सड़क पर 15 फीट चौड़े और 8 फीट तक गहरे खतरनाक गड्ढे हो गए हैं। वहीं, आवास विकास सेक्टर-4 में सीवर लीकेज के कारण ईंटों से भरी एक ट्रैक्टर-ट्रॉली जमीन में समा गई, जिससे पानी की 18 इंच मुख्य पाइपलाइन फट गई और पूरे इलाके में पानी का हाहाकार मच गया।

बैकफुट पर आए जिम्मेदार अधिकारी

हादसे के बाद नगर आयुक्त संतोष कुमार वैश्य और चीफ इंजीनियर अरविंद श्रीवास्तव ने मौके पर पहुंचकर स्थिति का जायजा लिया। अफसरों ने माना कि बारिश से काम प्रभावित हुआ है और उन्होंने ठेकेदारों को युद्धस्तर पर मरम्मत कराने व गड्ढों को तत्काल भरकर यातायात सुरक्षित करने के सख्त निर्देश दिए हैं।

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