Advertisement
  1. हिन्दी समाचार
  2. उत्तर प्रदेश
  3. अखिलेश का मायावती पर पलटवार, बोले- ‘उनकी’ अंदरूनी सांठगांठ है जारी, इसीलिए वो हैं ज़ुल्म करने वालों के आभारी

अखिलेश का मायावती पर पलटवार, बोले- ‘उनकी’ अंदरूनी सांठगांठ है जारी, इसीलिए वो हैं ज़ुल्म करने वालों के आभारी

By Abhimanyu 
Updated Date

Akhilesh hits back at Mayawati: बसपा सुप्रीमो मायावती ने पार्टी संस्थापक कांशीराम की पुण्यतिथि पर रामाबाई मैदान में मंच से अपने समर्थकों को संबोधित किया। इस दौरान मायावती ने आरोप लगाया कि वो वर्तमान सरकार के आभारी हैं, क्योंकि समाजवादी पार्टी सरकार की तरह रामाबाई मैदान पर आने वाले लोगों से एकत्र किए गए धन को वर्तमान दबाया नहीं है। इस बयान पर सपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने प्रतिक्रिया दी है।

पढ़ें :- महिला आरक्षण मुद्दे को लेकर सपा-कांग्रेस पर बरसीं मायावती , दोनों पार्टियों पर गिरगिट की तरह रंग बदलने का लगाया आरोप

सपा सांसद अखिलेश यादव ने बसपा सुप्रीमो मायावती और भाजपा के बीच अंदरूनी सांठगांठ का दावा किया है। मायावती के बयान के कुछ देर बाद अखिलेश ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा, ‘क्योंकि ‘उनकी’ अंदरूनी सांठगांठ है जारी… इसीलिए वो हैं ज़ुल्मकरनेवालों के आभारी।’ अखिलेश ने अपनी पोस्ट में किसी का नाम नहीं लिया। लेकिन माना जा  रहा है कि उनकी ये टिप्पणी बसपा सुप्रीमो को लेकर ही थी।

पढ़ें :- पवन सिंह की पत्नी ज्योति ने बयां किया दिल का दर्द- मैं तबाह हूं तेरे इश्क में तुम्हें दूसरे का ख्याल है कुछ मेरे मसले पे भी गौर दे मेरी तो जिंदगी का सवाल है

मायावती ने सपा पर बोला बड़ा हमला

बसपा प्रमुख मायावती ने कहा, “…जब हमने यूपी में चौथी बार अपनी सरकार बनाई, जो कांग्रेस, भाजपा, समाजवादी और अन्य जातिवादी दलों को पसंद नहीं आई। इससे पहले, केंद्र में सत्ता में बैठी भाजपा ने अपनी सत्ता का दुरुपयोग करके मेरे परिवार के खिलाफ झूठे मामले दर्ज करके और हम सभी को जबरन आयकर, सीबीआई आदि के जाल में फंसाकर मेरी छवि खराब करने की कोशिश की थी। यहां तक ​​कि कांग्रेस सरकार ने भी हमें न्याय दिलाने की कोशिश नहीं की।”

योगी सरकार का धन्यवाद करते हुए मायावती ने कहा, “हम वर्तमान सरकार के आभारी हैं, क्योंकि समाजवादी पार्टी सरकार के विपरीत, इस स्थान (रामाबाई मैदान) पर आने वाले लोगों से एकत्र किए गए धन को वर्तमान भाजपा सरकार द्वारा दबाया नहीं गया है। जब हम सत्ता में थे, और यह स्मारक स्थल बनाया गया था, तो हमने उन लोगों के लिए टिकट उपलब्ध कराने का फैसला किया था जो इसे देखना चाहते थे, और इससे प्राप्त राजस्व का उपयोग अन्य चीजों पर नहीं किया जाएगा, बल्कि इसका उपयोग लखनऊ में बने पार्कों और अन्य स्मारक स्थलों के रखरखाव के लिए किया जाएगा।”

बसपा प्रमुख ने कहा, “जब समाजवादी पार्टी सत्ता में थी और ये स्मारक स्थल बनाए गए थे, तब उन्होंने स्थलों के रखरखाव के लिए पैसा खर्च नहीं किया… जब वे सत्ता से बाहर हैं, तो उन्हें याद है कि उन्हें एक सेमिनार आयोजित करना है… उन्होंने उस जिले का नाम भी बदल दिया, जिसका नाम हमारी सरकार ने कांशीराम के नाम पर रखा था… अगर यह उनका दोहरा चेहरा नहीं है, तो क्या है?”

पढ़ें :- मायावती ने महिला आरक्षण का किया स्वागत, बोलीं- दलित व ओबीसी महिलाओं को अलग से दिया जाए आरक्षण
Advertisement