RSS chief’s statement on retirement: समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव ने रिटायरमेंट के नियम को लेकर आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत पर निशाना साधा है। अखिलेश ने बिना नाम लिए कहा कि जब अपनी बारी आई तो नियम बदल दिये। ये दोहरापन अच्छा नहीं। यह बयान भागवत के 75 साल उम्र में रिटायरमेंट के नियम दिये गए बयान पर आया है।
पढ़ें :- Bihar Board 10th Result 2026: आज जारी होगा मैट्रिक रिजल्ट, 15 लाख से ज्यादा छात्रों का इंतजार खत्म
अखिलेश यादव ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा, “न रिटायर होऊंगा, न होने दूंगा। जब अपनी बारी आई तो नियम बदल दिये… ये दोहरापन अच्छा नहीं। अपनी बात से पलटनेवालों पर पराया तो क्या, कोई अपना भी विश्वास नहीं करता है। जो विश्वास खो देते हैं, वो राज खो देते हैं।” सपा अध्यक्ष की यह पोस्ट भाजपा-आरएसएस के उस 75 साल की अनौपचारिक सेवानिवृत्ति के नियम को लेकर है।
न रिटायर होऊंगा, न होने दूँगा।
जब अपनी बारी आई तो नियम बदल दिये… ये दोहरापन अच्छा नहीं।
अपनी बात से पलटनेवालों पर पराया तो क्या, कोई अपना भी विश्वास नहीं करता है।
पढ़ें :- गुजरात में 10 साल पहले ऊना कांड में दलित युवाओं को सरेआम निर्वस्त्र कर बेरहमी से पीटा गया, लेकिन अफसोस आज भी सरकार से उन्हें न्याय नहीं मिला : राहुल गांधी
जो विश्वास खो देते हैं, वो राज खो देते हैं।
— Akhilesh Yadav (@yadavakhilesh) August 29, 2025
बता दें कि भाजपा विरोधी आडवाणी जैसे नेताओं को 75 साल की उम्र में दरकिनार करने का आरोप लगाते रहे हैं, लेकिन आरएसएस प्रमुख भागवत ने हाल ही में स्पष्ट किया कि ऐसा कोई नियम मौजूद नहीं है, जबकि विपक्ष के नेता दावा करते आए हैं कि यह नियम प्रधानमंत्री मोदी जल्द ही 75 साल के हो जाएंगे और रिटायर हो जाएंगे।
मोहन भागवत का पूरा बयान
पढ़ें :- ट्रंप प्रशासन के खिलाफ अमेरिका की सड़कों पर उतरी भीड़, सरकार की नीतियों के विरोध में प्रदर्शन
आरएसएस के 100 साल पूरे होने के मौके पर दिल्ली में तीन दिनों का कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस कार्यक्रम के आखिरी दिन मोहन भागवत ने कहा, “मैंने कभी नहीं कहा कि मैं रिटायर हो जाऊंगा या किसी को रिटायर होना चाहिए। संघ में हमें काम दिया जाता है, चाहे हम चाहें या न चाहें। अगर मैं 80 साल का हूं और संघ कहता है कि जाओ और शाखा चलाओ, तो मुझे करना ही होगा। संघ जो भी कहता है, हम करते हैं। यह किसी की रिटायरमेंट के लिए नहीं है। हम रिटायर होने या काम करने के लिए तैयार हैं, जब तक संघ चाहता है।”