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अखिलेश ने महिला आरक्षण बिल को बताया नए धोखे का काला दस्तावेज, कहा- ये पिछड़े-दलित समाज की महिलाओं को हमेशा के लिए कमज़ोर करने की साज़िश

By Abhimanyu 
Updated Date

Nari Shakti Vandan Adhiniyam : आज से संसद के विशेष सत्र की शुरुआत होने जा रही है। जिसमें महिला आरक्षण कानून- नारी शक्ति वंदन अधिनियम को पूरी तरह लागू करने के लिए तीन महत्वपूर्ण विधेयक पेश किए जाएंगे। जिसको लेकर विपक्ष की ओर से मिली-जुली प्रतिक्रिया सामने आ रही है। एकतरफ जहां कई दल बिल के समर्थन की बात कर रहे हैं तो दूसरी तरफ इसे पिछड़े-दलित समाज की महिलाओं के खिलाफ साजिश कर दिया जा रहा है। सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव ने महिला आरक्षण बिल पर सवाल खड़े किए हैं।

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सपा सांसद अखिलेश यादव ने गुरुवार को एक्स पोस्ट में लिखा, “महिला आरक्षण बिल भाजपा और उनके संगी-साथियों के नये धोखे का एक ऐसा ‘काला दस्तावेज़’ है, जो दरअसल ‘ख़ुफ़िया लोगों की गुप्त योजना’ है। जिसमें पिछड़े-दलित समाज की महिलाओं को हमेशा के लिए कमज़ोर करने की साज़िश है। उन्हें सच्चे जन प्रतिनिधित्व से वंचित रखने का चक्रव्यूह रचा जा रहा है। ये बिल वर्चस्ववादियों की हार की हताशा और उनकी नारी के प्रति शोषणकारी-दमनकारी सांमती सोच से जन्मा है। महिला आरक्षण बिल एक ‘जनविरोधी जुमले’ से अधिक कुछ और नहीं है।”

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उन्होंने आगे लिखा, “जागरूक महिलाएँ इस बार इनके बहकावे-छलावे में नहीं आएंगी। ये बिल भाजपा की ‘कुटिल राजनीति’ का मुखौटा खींच लेगा। भाजपा का विरोध जितना बढ़ता जाएगा, ऐसे और भी अनेक बिल आएंगे, जिनकी मूल मंशा ‘पीडीए’ की लगातार बढ़ती एकजुटता-एकता को कमज़ोर करने की है और किसी भी तरह से सत्ता में बने रहने की है। भाजपा अपनी एक्सपायरी डेट के अंतिम महीनों में चल रही है।”

बता दें कि मोदी सरकार 2023 में पास हुए महिला आरक्षण कानून- नारी शक्ति वंदन अधिनियम को पूरी तरह लागू करने के लिए तीन महत्वपूर्ण विधेयक पेश करने वाली है। जिनमें पहला बिल- केंद्र शासित प्रदेश कानून (संशोधन) विधेयक 2026 है। जिसका मकसद दिल्ली, जम्मू-कश्मीर और पुडुचेरी की विधानसभाओं में महिलाओं के लिए 33% आरक्षण तय करना है। दूसरा बिल- संविधान (131वां संशोधन) विधेयक 2026 है। इसका मकसद जनसंख्या की नई परिभाषा, बढ़ती आबादी के मद्देनजर संसद में सदस्यों की संख्या को बढ़ाना है। तीसरा बिल- परिसीमन विधेयक 2026 है। जिसका उद्देश्य लोकसभा और विधानसभाओं में सीटों की संख्या बढ़ाने की योजना है। सीटों का फिर से निर्धारण होगा।

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