Advertisement
  1. हिन्दी समाचार
  2. उत्तर प्रदेश
  3. अखिलेश यादव , बोले-सबसे ज्यादा अफवाह कोई फैलता है तो मुख्यमंत्री हैं, अगर गैस का स्टॉक भरा पड़ा है तो लोग लाइन में क्यों लगे हैं?

अखिलेश यादव , बोले-सबसे ज्यादा अफवाह कोई फैलता है तो मुख्यमंत्री हैं, अगर गैस का स्टॉक भरा पड़ा है तो लोग लाइन में क्यों लगे हैं?

By santosh singh 
Updated Date

लखनऊ। समाजवादी पार्टी के प्रमुख अखिलेश यादव (Akhilesh Yadav) ने एलपीजी सिलेंडर की किल्लत की स्थिति पर कहा कि LPG का मतलब अब ‘लापता गैस’ है। उन्होंने कहा कि सरकार अगर कह रही है कि स्टॉक भरा हुआ है तो फिर लोग लाइन में क्यों लगे हैं? उन्होंने सीएम योगी आदित्यनाथ (CM Yogi Adityanath) पर निशाना साधते हुए कहा कि सबसे ज्यादा अफवाह तो मुख्यमंत्री ही फैलाते हैं। अगर एलपीजी है तो आप लोगों को दीजिए।

पढ़ें :- गाजीपुर के गहमर गांव ने देश की आजादी की लड़ाई में महत्वपूर्ण योगदान दिया: सीएम योगी
पढ़ें :- मल्लिकार्जुन खड़गे राज्यसभा में दहाड़े, कहा- अमित शाह बंद कमरे में बहुत दिनों तक छिप नहीं सकते, जनता उन्हें खींचकर लाएगी बाहर

 

अखिलेश यादव ने कहा कि अगर भाजपावाले कह रहे हैं कि ‘गैस’ की कोई कमी नहीं है तो विश्व की सबसे बड़ी पार्टी का दावा करनेवाले उनके मंत्री, सांसद, विधायक, पार्षद और करोड़ों कार्यकर्ता और उनके गैर पंजीकृत (unregistered) संगी-साथी (अपने पुराने इतिहास को दोहराते हुए) Underground (भूमिगत) क्यों हो गये हैं। वो भूमिगत ठिकानों से निकलें और जनता के बीच जाकर गैस एजेंसियों से गैस दिलवाएं।

अब क्या जनता भाजपाइयों के घरों का घेराव करे या उनके कार्यालयों, प्रतिष्ठानों या फिर (भाजपा का झंडा उतारी हुई) उनकी गाड़ियों का। सच तो ये है कि किल्लत जितनी बढ़ती है, भाजपा उतना ही उसे नकारने का झूठ बढ़ा देती है… कोरोना में ऑक्सीजन गैस से लेकर, आज खाने व अन्य तरह की गैस हो या फिर खाद की किल्लत सबके बारे में भाजपाइयों की यही चाल रहती है। भाजपा आपदा में कालाबाज़ारी ढूँढ लेती है।

भाजपा की ग़लतियों का ख़ामियाज़ा जनता क्यों भुगते? सत्ताधारी भाजपा और झूठी सेवा का ‘शताब्दीय’ दावा करनेवाले उनके अनरजिस्टर्ड संगी-साथी भूख से तड़प रहे लोगों के लिए मुफ़्त भोजनालय चलाएं; नहीं तो नज़र न आएं।

पढ़ें :- राहुल गांधी बोले- अमित शाह संसद में छात्रों के ख़िलाफ़ हुई बर्बर हिंसा के बारे में सफ़ाई देने से इतना क्यों डर रहे हैं?
Advertisement