बाबरी मस्जिद केस के पैरोकार रहे इकबाल अंसारी (Iqbal Ansari) ने राम मंदिर चढ़ावा चोरी विवाद (Ram Mandir Offering Theft Controversy) पर बड़ा बयान दिया है। उन्होंने कहा है कि प्रभु श्रीराम (Lord Shri Ram) का पैसा कहीं नहीं जाएगा, भगवान स्वयं अपने पैसे को ढूंढ लेंगे।
अयोध्या। बाबरी मस्जिद केस के पैरोकार रहे इकबाल अंसारी (Iqbal Ansari) ने राम मंदिर चढ़ावा चोरी विवाद (Ram Mandir Offering Theft Controversy) पर बड़ा बयान दिया है। उन्होंने कहा है कि प्रभु श्रीराम (Lord Shri Ram) का पैसा कहीं नहीं जाएगा, भगवान स्वयं अपने पैसे को ढूंढ लेंगे। उन्होंने राज्य सरकार के तरफ से गठित एसआईटी पर भरोसा जताते हुए कहा कि जांच पूरी ईमानदारी और निष्पक्षता से होनी चाहिए। इकबाल अंसारी (Iqbal Ansari) ने कहा कि राम मंदिर का चढ़ावा केवल धनराशि का विषय नहीं है, बल्कि करोड़ों श्रद्धालुओं की आस्था और विश्वास से जुड़ा मामला है।
राम मंदिर ट्रस्ट ने दान के रुपयों की चोरी का मामला सामने आने के बाद सरकार से इसकी जांच की सिफारिश की थी। सरकार ने जांच टीम से 7 दिन में प्रारंभिक और 15 दिन में पूरी रिपोर्ट देने कहा है। चर्चा है कि सरकार न सिर्फ कथित हेरफेर बल्कि पूरी व्यवस्था की जांच की तैयारी में है। SIT हर पहलू को खंगालेगी। गणनास्थल की सीसीटीवी फुटेज, दान पेटी से निकालकर गणना कक्ष तक लाने, गिनने और उसे बैंक में जमा करने की प्रक्रिया, गिनती में शामिल सारे लोग जांच के दायरे में है।
एसआईटी ने रुपये गिनने वाले कर्मचारियों की सूची मांगी, नाम-पते की जांच शुरू
एसआईटी (SIT) ने राम मंदिर के चढ़ावा गणना कक्ष में जांच-पड़ताल शुरू कर दी है। जांच टीम ने चढ़ावे की गिनती के दौरान कुछ वर्षों में तैनात कर्मचारियों के नाम-पते की सूची मांगी है और उसकी तस्दीक करवा रही है। ट्रस्टियों से भी पूछताछ की संभावना है। एसआईटी राम जन्मभूमि परिसर में कर्मचारी बनने के बाद कर्मचारियों और उनके नजदीकी रिश्तेदारों की आर्थिक हालत को भी जांच के दायरे में रख रही है।
एसआईटी जांच से मंदिर के कर्मचारी खुश, चिंतित हुए संघ और विहिप के लोग
एसआईटी जांच की घोषणा के बाद से ही राम मंदिर की व्यवस्था में लगे संघ और विहिप के लोग सशंकित हैं। उन्हें आशंका है कि उन सबकी जवाबदेही तय होगी। जांच से ट्रस्ट के कर्मचारी खुश दिखाई दे रहे हैं। उनका कहना है कि काम का जिम्मा हम सबका है और ऐन वक्त पर सुपरविजन के नाम पर ऊपर से लोग बैठा दिए जाते हैं जो पहले से तय व्यवस्थाओं को अपने हिसाब से कराने का दबाव बनाते हैं।