नई दिल्ली। हिंदुस्तान यूनिलीवर लिमिटेड (HUL) ने सर्फ एक्सेल (Surf Excel) और विम को निशाना बनाकर चलाए जा रहे बेको के अभियान के खिलाफ दिल्ली हाईकोर्ट (Delhi High Court) में याचिका दायर की है। हाईकोर्ट ने बेको से जवाब मांगा है और अंतरिम राहत पर फैसला सुनाने से पहले दोनों पक्षों की बात सुनेगा।
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एचयूएल (HUL) ने बेको की मूल कंपनी क्विक लिविंग (आई) प्राइवेट लिमिटेड के खिलाफ व्यावसायिक मानहानि, ट्रेडमार्क उल्लंघन और गलत तरीके से उत्पाद बेचने का आरोप लगाते हुए अदालत में याचिका दायर की है। विवाद बेको के हालिया ‘वॉर ऑन व्हाट्स हिडन’ (War On Whats Hidden) अभियान पर केंद्रित है, जो सर्फ एक्सेल मैटिक लिक्विड (Surf Excel Matic Liquid) और विम डिशवॉश जेल (Vim Dishwash Gel) को लक्षित कर रहा था।
बुधवार को न्यायमूर्ति अनूप जयराम भंभानी ने एचयूएल (HUL) द्वारा विज्ञापनों के खिलाफ अंतरिम निषेधाज्ञा की मांग पर बेको से जवाब मांगा। अदालत ने बेको को तुरंत विज्ञापन अभियान रोकने का आदेश नहीं दिया और कहा कि वह निर्णय लेने से पहले कंपनी की बात सुनना चाहती है। इस मामले की सुनवाई 21 अगस्त को फिर से होगी, जबकि बेको को 20 अगस्त तक अपना जवाब और सहायक सामग्री प्रस्तुत करने के लिए कहा गया है।
बेको के अभियान का दावा क्या है?
बेको का अभियान वीडियो, सोशल मीडिया पोस्ट, इन्फ्लुएंसर प्रमोशन और आउटडोर विज्ञापनों का उपयोग करके अपने लॉन्ड्री और डिशवॉशिंग उत्पादों की तुलना सर्फ एक्सेल और विम से करता है। कंपनी ने दावा किया है कि प्रयोगशाला परीक्षण में सर्फ एक्सेल में बेंज़िसोथियाज़ोलिनोन (BIT) और लीनियर एल्काइलबेंजीन सल्फोनेट (LAS) पाए गए, जबकि विम में एलएएस का पता चला।
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इन विज्ञापनों में इन सामग्रियों को त्वचा में जलन और एलर्जी की संभावित प्रतिक्रियाओं से जोड़ा गया है, जो बेको के अभियान का मुख्य दावा है।हालांकि, एचयूएल ने उपभोक्ताओं के सामने इन निष्कर्षों को प्रस्तुत करने के तरीके को चुनौती दी है।
HUL ने BECO के परीक्षण पर सवाल उठाए
एचयूएल (HUL) की ओर से पेश हुए वरिष्ठ अधिवक्ता अमित सिबल ने अदालत को बताया कि बेको के परीक्षणों से कुछ अवयवों की उपस्थिति और सांद्रता तो स्थापित हो गई, लेकिन यह स्थापित नहीं हो पाया कि तैयार उत्पाद सामान्य रूप से उपयोग किए जाने पर वास्तव में त्वचा में जलन या एलर्जी की प्रतिक्रिया पैदा कर सकते हैं या नहीं।
एचयूएल (HUL) का तर्क था कि किसी एक घटक का परीक्षण करना, संपूर्ण उत्पाद फॉर्मूलेशन की सुरक्षा का परीक्षण करने से अलग है। कंपनी के अनुसार, बेको ने वह प्रासंगिक सुरक्षा परीक्षण नहीं किया था जो उसके विज्ञापनों में किए गए दावों का समर्थन कर सके।
एचयूएल (HUL) ने यह भी बताया कि एलएएस सफाई उत्पादों में व्यापक रूप से इस्तेमाल होने वाला एक सर्फेक्टेंट है क्योंकि यह ग्रीस और तेल को हटाने में मदद करता है। कंपनी ने आरोप लगाया कि बेको ने विम को जानबूझकर निशाना बनाया और इस घटक को इस तरह से प्रस्तुत किया जिससे उपभोक्ताओं के बीच भ्रामक धारणा बन सकती है।
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टैगलाइन और अभियान के समय को लेकर विवाद
एचयूएल (HUL) ने बेको द्वारा अपने पंजीकृत टैगलाइन, जिनमें विम का ‘100 नींबू की शक्ति’ और सर्फ एक्सेल का ‘दाग अच्छे हैं’ शामिल हैं, का उपयोग करके अभियान में उत्पादों की पहचान करने पर भी आपत्ति जताई है। कंपनी ने आगे आरोप लगाया कि विज्ञापनों ने उसके उपभोक्ताओं का मजाक उड़ाया और एचयूएल (HUL) को ग्राहकों को गुमराह करने वाली कंपनी के रूप में चित्रित किया।
एचयूएल (HUL) ने दावा किया कि बेको ने 14 अगस्त की रात को, स्वतंत्रता दिवस की सेल से ठीक पहले, यह अभियान शुरू किया था। उसने तर्क दिया कि सार्वजनिक अवकाश के कारण तत्काल कानूनी सहायता प्राप्त करना मुश्किल था। बेको ने आरोपों का जवाब देने के लिए समय मांगा है। अब अदालत दोनों पक्षों की बात सुनने के बाद यह फैसला करेगी कि क्या अभियान पर अस्थायी रोक लगाई जानी चाहिए।