दिल्ली यूनिवर्सिटी में आज 1 लाख 51 हजार से ज्यादा छात्र अपने प्रतिनिधियों को चुनने के लिए वोट डाल रहे हैं। कड़ी सुरक्षा, 158 पोलिंग बूथ और 1,100 से ज्यादा EVMs के बीच हो रही इस वोटिंग पर दिल्ली हाई कोर्ट की भी नजर है। इस चुनाव में 1,51,842 छात्र मतदान के पात्र हैं। मतदान दो शिफ्ट में कराया जा रहा है। सुबह और डे-क्लास के छात्रों के लिए वोटिंग सुबह 8:30 बजे से दोपहर 1 बजे तक, जबकि इवनिंग कॉलेज के छात्रों के लिए दोपहर 3 बजे से शाम 7:30 बजे तक मतदान होगा।
नई दिल्ली। दिल्ली यूनिवर्सिटी छात्रसंघ यानी DUSU Election 2026-27 के लिए आज, 18 सितंबर को मतदान हो रहा है। इस चुनाव में छात्र चार केंद्रीय पदों जैसे अध्यक्ष, उपाध्यक्ष, सचिव और संयुक्त सचिव के लिए अपने प्रतिनिधि चुन रहे हैं। इस बार कुल 20 उम्मीदवार इन चार पदों के लिए मैदान में हैं। सबसे पहले बात वोटिंग की। इस चुनाव में 1,51,842 छात्र मतदान के पात्र हैं। मतदान दो शिफ्ट में कराया जा रहा है। सुबह और डे-क्लास के छात्रों के लिए वोटिंग सुबह 8:30 बजे से दोपहर 1 बजे तक, जबकि इवनिंग कॉलेज के छात्रों के लिए दोपहर 3 बजे से शाम 7:30 बजे तक मतदान होगा।
बता दें कि इस बार चुनाव में करीब 1,100 से ज्यादा Electronic Voting Machines यानी EVMs का इस्तेमाल किया जा रहा है। इनमें 830 बैलेट यूनिट और 281 कंट्रोल यूनिट शामिल हैं। विश्वविद्यालय ने पूरे चुनाव के लिए 158 पोलिंग बूथ और 12 कंट्रोल रूम बनाए हैं। ABVP ने अध्यक्ष पद के लिए यश डबास, उपाध्यक्ष के लिए ईशु मौर्य, सचिव के लिए रिया छाबड़ी और संयुक्त सचिव के लिए लक्ष्यराज सिंह को मैदान में उतारा है। वहीं NSUI की ओर से अध्यक्ष पद पर विजय शंकर मीणा, उपाध्यक्ष पद पर वीर चतरथ, सचिव पद पर नम्रता चौधरी और संयुक्त सचिव पद पर गोपाल चौधरी उम्मीदवार हैं। इसके अलावा AISA-SFI गठबंधन ने अध्यक्ष पद पर अनन्या रतूड़ी, उपाध्यक्ष पर अक्षत शिखर, सचिव पर स्टैंजिन डेस्क्यॉन्ग और संयुक्त सचिव पर बी. परिजात को उम्मीदवार बनाया है। AAP के छात्र संगठन और कुछ निर्दलीय उम्मीदवार भी चुनाव में हैं। लेकिन इस बार DUSU चुनाव सिर्फ मतदान की वजह से चर्चा में नहीं है। कैंपस में सुरक्षा और चुनावी नियमों को लेकर भी मामला बेहद गंभीर है।
आपको बता दें कि बीते 17 सितंबर को दिल्ली हाई कोर्ट ने चुनाव प्रचार के दौरान कथित हिंसा, तोड़फोड़ और बाहरी लोगों की मौजूदगी को लेकर दिल्ली यूनिवर्सिटी और दिल्ली पुलिस से रिपोर्ट मांगी। अदालत ने कहा कि अगर उठाए गए कदम संतोषजनक नहीं हुए तो मतगणना या परिणाम घोषित करने पर रोक लगाए जा सकते हैं। हालांकि, अदालत ने उस समय मतदान को स्थगित नहीं किया था। इसी वजह से आज नॉर्थ और साउथ कैंपस में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी की गई है। पुलिस और अन्य सुरक्षा बल तैनात हैं, जबकि कई प्रमुख सड़कों पर यातायात प्रतिबंध भी लगाए गए हैं।
अब नजर 19 सितंबर पर रहेगी, जब वोटों की गिनती होगी। मतदान खत्म होने के बाद EVMs को सील करके निर्धारित मतगणना केंद्र तक पहुंचाया जाएगा। यानी आज दिल्ली यूनिवर्सिटी में वोटिंग हो रही है और कल मतगणना होगी। इस बार DUSU चुनाव के नतीजों के साथ-साथ चुनावी नियमों और कैंपस सुरक्षा पर भी सबकी नजर बनी रहेगी।