दिल्ली विश्वविद्यालय छात्रसंघ (DUSU) चुनाव में प्रचार का शोर थमने के बाद अब फैसला छात्रों के हाथ में है। शुक्रवार को दिल्ली यूनिवर्सिटी के अलग-अलग कॉलेजों में मतदान शुरू हो गया। इस बार कुल 1,51,842 छात्र चार केंद्रीय पदों के लिए वोट डालने के पात्र हैं। इन पदों में अध्यक्ष, उपाध्यक्ष, सचिव और संयुक्त सचिव शामिल हैं...
नई दिल्ली। दिल्ली विश्वविद्यालय छात्रसंघ (DUSU) चुनाव में प्रचार का शोर थमने के बाद अब फैसला छात्रों के हाथ में है। शुक्रवार को दिल्ली यूनिवर्सिटी के अलग-अलग कॉलेजों में मतदान शुरू हो गया। इस बार कुल 1,51,842 छात्र चार केंद्रीय पदों के लिए वोट डालने के पात्र हैं। इन पदों में अध्यक्ष, उपाध्यक्ष, सचिव और संयुक्त सचिव शामिल हैं।
मतदान को छात्रों की कक्षाओं के समय के हिसाब से दो चरणों में कराया जा रहा है। सुबह की शिफ्ट वाले कॉलेजों के छात्र सुबह 8:30 बजे से दोपहर 1 बजे तक वोट डाल सकते हैं, जबकि शाम की शिफ्ट के छात्रों के लिए मतदान दोपहर 3 बजे से शाम 7:30 बजे तक चलेगा।
158 बूथ, 1100 से ज्यादा EVM, सुरक्षा पर खास नजर
चुनाव प्रक्रिया को व्यवस्थित रखने के लिए विश्वविद्यालय प्रशासन ने 158 मतदान केंद्र बनाए हैं। इसके अलावा 12 कंट्रोल रूम भी स्थापित किए गए हैं। मतदान में 1,100 से ज्यादा EVM यूनिट का इस्तेमाल किया जा रहा है, जिनमें 830 बैलेट यूनिट और 281 कंट्रोल यूनिट शामिल हैं।
चुनाव से पहले प्रचार के दौरान सामने आई घटनाओं को देखते हुए इस बार सुरक्षा व्यवस्था भी कड़ी की गई है। दिल्ली विश्वविद्यालय के नॉर्थ और साउथ कैंपस समेत आसपास के इलाकों में पुलिस और अन्य सुरक्षा बलों की तैनाती की गई है। दिल्ली हाईकोर्ट ने भी चुनाव प्रचार के दौरान हुई कथित हिंसा और नियमों के उल्लंघन को लेकर विश्वविद्यालय प्रशासन और पुलिस से कार्रवाई की जानकारी मांगी थी।
शनिवार को खुलेगा EVM का पिटारा
आज मतदान पूरा होने के बाद EVM को सुरक्षित तरीके से काउंटिंग सेंटर तक पहुंचाया जाएगा। वोटों की गिनती शनिवार यानी 19 सितंबर को होगी। इसके बाद चारों केंद्रीय पदों के नतीजे सामने आएंगे।
इस चुनाव में कुल 20 उम्मीदवार चार केंद्रीय पदों के लिए मैदान में हैं। अध्यक्ष पद के लिए 7, उपाध्यक्ष के लिए 5 और सचिव व संयुक्त सचिव पद के लिए 4-4 उम्मीदवार चुनाव लड़ रहे हैं। ABVP, NSUI और AISA-SFI गठबंधन समेत कई छात्र संगठनों से जुड़े प्रत्याशी चुनाव मैदान में हैं।
डूसू चुनाव के लिए मतदान शुरू होने के साथ ही अब उम्मीदवारों के प्रचार और दावों का दौर खत्म हो चुका है। अगले चरण में छात्रों के वोटों की गिनती होगी और 19 सितंबर को यह साफ हो जाएगा कि चार केंद्रीय पदों पर कौन-कौन उम्मीदवार चुना गया।