टीएमसी के राज्यसभा सांसद बाबुल सुप्रियो (TMC Rajya Sabha MP Babul Supriyo) ने टीएमसी के नाम और चुनाव चिन्ह को लेकर चुनाव आयोग (Election Commission) के फैसले पर सवाल उठाया। उन्होंने कहा कि एक आम भारतीय नागरिक के तौर पर यह महसूस होना स्वाभाविक है कि देश की राजनीति का नैतिक स्तर लगातार नीचे जा रहा है?
नई दिल्ली। टीएमसी के राज्यसभा सांसद बाबुल सुप्रियो (TMC Rajya Sabha MP Babul Supriyo) ने टीएमसी के नाम और चुनाव चिन्ह को लेकर चुनाव आयोग (Election Commission) के फैसले पर सवाल उठाया। उन्होंने कहा कि एक आम भारतीय नागरिक के तौर पर यह महसूस होना स्वाभाविक है कि देश की राजनीति का नैतिक स्तर लगातार नीचे जा रहा है? उन्होंने NCCP और शिवसेना से जुड़े विवादों का जिक्र करते हुए कहा कि अब तृणमूल कांग्रेस (TMC) को लेकर भी उसी तरह की स्थिति बनती दिखाई दे रही है। सुप्रियो ने यह भी कहा कि अगर कोई सांसद या विधायक उस पार्टी को छोड़ देता है, जिसके टिकट पर वह चुना गया था, तो उसे स्वतः अयोग्य ठहराने का नियम होना चाहिए।
बता दें कि चुनाव आयोग (Election Commission) ने नंदीग्राम और रेजीनगर विधानसभा उपचुनाव के लिए दोनों TMC धड़ों को ‘ऑल इंडिया तृणमूल कांग्रेस’ नाम और ‘घासफूल’ चुनाव चिन्ह इस्तेमाल करने से रोक दिया है। दोनों पक्षों से वैकल्पिक नाम और चिन्ह मांगे गए हैं।
‘तू इधर-उधर की न बात कर, ये बता कि क़ाफ़िला क्यों लुटा…’
पूर्व टीएमसी नेता और अब BJP नेता सायोनी घोष ने चुनाव आयोग (Election Commission) के फैसले पर सीधे तौर पर लंबा बयान देने के बजाय मशहूर शेर के जरिए प्रतिक्रिया दी। उन्होंने लिखा, ‘तू इधर-उधर की न बात कर, ये बता कि क़ाफ़िला क्यों लुटा…’ उनके इस पोस्ट को TMC के नाम और चुनाव चिन्ह को लेकर जारी विवाद पर उनकी प्रतिक्रिया के तौर पर देखा जा रहा है।