सनातन धर्म में मां दुर्गा की पूजा आराधना का विशेष महत्व है। वैदिक पंचांग के अनुसार प्रत्येक मास की अष्टमी तिथि को दुर्गाअष्टमी कहा जाता है। इसी प्रकार भाद्रपद मास के शुक्ल पक्ष की अष्टमी तिथि को मनाई जाने वाली मासिक दुर्गाष्टमी का विशेष पौराणिक और आध्यात्मिक महत्व है।
Masik Durga Ashtami 2026 : सनातन धर्म में मां दुर्गा की पूजा आराधना का विशेष महत्व है। वैदिक पंचांग के अनुसार प्रत्येक मास की अष्टमी तिथि को दुर्गाअष्टमी कहा जाता है। इसी प्रकार भाद्रपद मास के शुक्ल पक्ष की अष्टमी तिथि को मनाई जाने वाली मासिक दुर्गाष्टमी का विशेष पौराणिक और आध्यात्मिक महत्व है।
शक्ति साधना के लिए बेहद पवित्र
यह समय वर्षा ऋतु के ढलने और शरद ऋतु के आगमन का संधिकाल होता है, जिसे शक्ति साधना के लिए बेहद पवित्र माना जाता है। पुराणों के अनुसार, इस दिन आदिशक्ति माँ दुर्गा की पूजा करने से जीवन के सभी संकट दूर होते हैं और सुख-समृद्धि का वास होता है।
हिंदू पंचांग के अनुसार, हर माह के शुक्ल पक्ष में पड़ने वाली अष्टमी तिथि पर मासिक दुर्गाष्टमी व्रत रखने का विधान है। इस दिन आदिशक्ति मां दुर्गा की उपासना की जाती है। भाद्रपद महीने का मासिक दुर्गा अष्टमी व्रत 19 सितंबर को रखा जाएगा।
नकारात्मक विचारों का नाश होता है
मार्कंडेय पुराण के अनुसार, मासिक दुर्गाष्टमी का व्रत रखने और दुर्गा सप्तशती का पाठ करने से साधक को असीम मानसिक शक्ति, आत्मबल और सकारात्मक ऊर्जा मिलती है। भाद्रपद मास की इस अष्टमी पर शक्ति के स्मरण से मन एकाग्र होता है और साधक के भीतर के भय, संशय व नकारात्मक विचारों का नाश होता है।
बड़ी बाधाओं को दूर करने वाली
मान्यता है कि भाद्रपद के महीने में आने वाली यह अष्टमी भक्तों के जीवन की बड़ी से बड़ी बाधाओं को दूर करने वाली होती है। जो जातक आर्थिक तंगी, रोग या पारिवारिक कलह से जूझ रहे होते हैं, उनके लिए इस दिन माँ जगदम्बा की आराधना करना विशेष फलदायी माना गया है।