. ज्योतिष शास्त्र में मंगल देव को ग्रहों का सेनापति माना जाता है। इन्हें साहस, ऊर्जा, शौर्य और पराक्रम का मुख्य कारक माना गया है। नवग्रह मंडल में मंगल को एक क्रूर लेकिन अत्यंत प्रभावशाली ग्रह का दर्जा प्राप्त है।
Mangal Gochar 2026 : ज्योतिष शास्त्र में मंगल देव को ग्रहों का सेनापति माना जाता है। इन्हें साहस, ऊर्जा, शौर्य और पराक्रम का मुख्य कारक माना गया है। नवग्रह मंडल में मंगल को एक क्रूर लेकिन अत्यंत प्रभावशाली ग्रह का दर्जा प्राप्त है। जब भी मंगल अपनी राशि परिवर्तित करते हैं, तो मानव जीवन और प्रकृति पर इसका गहरा और सीधा असर पड़ता है। नीच के मंगल का यह गोचर व्यक्ति के स्वभाव में चिड़चिड़ापन, अनावश्यक गुस्सा, दुर्घटना, आर्थिक नुकसान और रिश्तों में खटास ला सकता है।
हालांकि, इस बार कर्क राशि में पहले से मौजूद उच्च के गुरु (बृहस्पति) के साथ मंगल की युति होगी, जिससे ‘नीचभंग राजयोग’ का निर्माण हो रहा है, जो इसके नकारात्मक प्रभावों को काफी हद तक कम कर देगा।
ज्योतिष शास्त्र में ग्रहों के सेनापति माने जाने वाले मंगल देव 18 सितंबर 2026 को शाम लगभग 05:03 बजे अपनी नीच राशि कर्क (Cancer) में प्रवेश करने जा रहे हैं। मंगल का यह गोचर 12 नवंबर 2026 तक (लगभग 56 दिनों के लिए) रहेगा।
मेष राशि (Aries)
मंगल आपकी ही राशि के स्वामी हैं और आपके चौथे (सुख, माता व संपत्ति) भाव में नीच होकर गोचर करेंगे। पारिवारिक जीवन में अशांति और माता जी के स्वास्थ्य को लेकर चिंता बढ़ सकती है। प्रॉपर्टी या मकान से जुड़े लेन-देन में जल्दबाजी न करें, धोखा हो सकता है।
मिथुन राशि (Gemini): वाणी में कठोरता आ सकती है जिससे रिश्ते प्रभावित हो सकते हैं। धन हानि के योग बन सकते हैं।
सिंह राशि (Leo): खर्चों में बेतहाशा बढ़ोतरी हो सकती है। कोर्ट-कचहरी के मामलों से दूर रहें।
हनुमान चालीसा का पाठ
प्रतिदिन या हर मंगलवार को हनुमान चालीसा अथवा बजरंग बाण का पाठ करें।