1. हिन्दी समाचार
  2. एस्ट्रोलोजी
  3. घर में सुख-समृद्धि और रिश्तों में प्यार के लिए महालक्ष्मी व्रत पर करें ये सभी महत्वपूर्ण उपाय

घर में सुख-समृद्धि और रिश्तों में प्यार के लिए महालक्ष्मी व्रत पर करें ये सभी महत्वपूर्ण उपाय

धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, ज्‍योतिष शास्‍त्र में शुक्र ग्रह को सुख, सौंदर्य, प्रेम, ऐश्वर्य, कला और समृद्धि का कारक माना जाता है। वहीं ए​​क ओर माता लक्ष्मी को धन, वैभव और समृद्धि की देवी माना जाता है। इसी के चलते बहुत से लोग महालक्ष्मी व्रत के दौरान अपने शुक्र ग्रह को मजबूत बनाने के लिए बहुत से उपाय करते हैं। इसके साथ ही ये व्रत पति और पत्‍नी के संबंधों को भी मधुर और प्रेमपूर्ण बनाते हैं। यदि आप भी ये सोचते है कि आपके घर में सुख शांति बनी रहे, तो आप भी यह सरल और असरदार उपाय कर सकते हैं।

By Sushil Sah 
Updated Date

लखनऊ। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, ज्‍योतिष शास्‍त्र में शुक्र ग्रह को सुख, सौंदर्य, प्रेम, ऐश्वर्य, कला और समृद्धि का कारक माना जाता है। वहीं ए​​क ओर माता लक्ष्मी को धन, वैभव और समृद्धि की देवी माना जाता है। इसी के चलते बहुत से लोग महालक्ष्मी व्रत के दौरान अपने शुक्र ग्रह को मजबूत बनाने के लिए बहुत से उपाय करते हैं। इसके साथ ही ये व्रत पति और पत्‍नी के संबंधों को भी मधुर और प्रेमपूर्ण बनाते हैं। यदि आप भी ये सोचते है कि आपके घर में सुख शांति बनी रहे, तो आप भी यह सरल और असरदार उपाय कर सकते हैं।

पढ़ें :- क्या पीरियड्स में श्राद्ध का भोजन बनाने से पितर नाराज़ होते हैं? जानिए क्या है सच

माता लक्ष्मी की पूजा करें

महालक्ष्मी व्रत करने के दौरान सबसे पहले सुबह स्नान करके साफ वस्त्र धारण करें। इसके साथ ही पूजा के स्थान की सफाई करें। इसके बाद वहां माता लक्ष्मी की प्रतिमा या तस्वीर स्थापित करें। साथ ही माता को पुष्प, अक्षत, फल और मिठाई अर्पित करें। इन सभी कामों के अलावा पूजा के समय शुद्ध घी का दीपक जलाना भी बेहद शुभ माना जाता है।

श्रीसूक्त का पाठ करें

श्रीसूक्त का माता लक्ष्मी की पूजा में विशेष महत्व है। श्रीसूक्त या लक्ष्मी सूक्त का पाठ श्रद्धा के साथ किया जा सकता है। यदि पूरा पाठ कर पाना संभव न हो पाए तो सिर्फ माता लक्ष्मी के मंत्र का जाप किया जा सकता है।

पढ़ें :- प्रेमानंद जी महाराज ने बताए राधा रानी के 28 नाम, जानिए क्या है इन नामों के जाप का धार्मिक महत्व

शुक्र मंत्र का जाप

वहीं शुक्रवार के दिन शुक्र ग्रह से जुड़े मंत्रों का जाप किया जाता है। पौराणिक और धार्मिक मान्यता के अनुसार “ॐ द्रां द्रीं द्रौं सः शुक्राय नमः।” या “ॐ शुं शुक्राय नमः।” इन दोनो मंत्रों में से किसी एक मंत्र का 108 बार जाप किया जा सकता है। आपको इस मंत्र जाप शांत मन और श्रद्धा के साथ करना चाहिए।

सफेद वस्तुओं का दान

आपको बता दें कि ज्योतिष शास्‍त्र में शुक्र ग्रह का संबंध सफेद रंग और कुछ सफेद वस्तुओं से बताया गया है। इसलिए चावल, दूध, दही, घी, मिश्री, सफेद मिठाई या सफेद वस्त्र का दान शुक्रवार को करने की परंपरा है। अपनी क्षमता के मुताबिक जरूरतमंद व्यक्ति को इन सभी चीजों का दान करना बेहद अहम माना जा सकता है।

सफेद वस्त्र पहनें

पढ़ें :- सावन की आखिरी सोमवार पर सिंहेश्वर धाम में हड़कंप, भीड़ बेकाबू होने से 6 श्रद्धालु घायल

मान्यताओं के अनुसार, शुक्रवार को सफेद या हल्के रंग के स्वच्छ वस्त्र पहनना बेहद शुभ माना जाता है। इसके अलावा पूजा में सबसे महत्वपूर्ण बात श्रद्धा और स्वच्छता है। इसलिए सिर्फ रंग को लेकर बहुत ज्यादा चिंता करने की आवश्यकता नहीं है।

सुगंध और स्वच्छता का ध्यान रखें

शुक्र ग्रह को सुख, प्रेम, ऐश्वर्य, कला और समृद्धि के साथ-साथ सौंदर्य और सुगंध से भी जोड़कर देखा जाता है। इसलिए नहाने के बाद हल्की प्राकृतिक सुगंध या किसी अच्छे इत्र का इस्तेमाल करें। धार्मिक दृष्टि से घर, पूजा स्थान और आसपास के वातावरण को साफ-सुथरा रखना भी बेहद शुभ माना जाता है।

व्रत में सात्त्विकता रखें

महालक्ष्मी व्रत के दौरान सबसे अहम बात यह है कि हमें सात्त्विक भोजन करना चाहिए।इसके अलावा क्रोध और कटु वचन से बचने के साथ-साथ मन को शांत रखना चाहिए। जरूरतमंदों की सहायता करना और परिवार में प्रेम व सही भावना बनाए रखना भी इस व्रत को परिपूर्ण बनाता है।

पढ़ें :- हरियाली तीज पर बांकेबिहारी के झूला दर्शन को उमड़ा आस्था का सैलाब, 80वीं बार स्वर्ण-रजत हिंडोले पर विराजे ठाकुरजी
इन टॉपिक्स पर और पढ़ें:
Hindi News से जुड़े अन्य अपडेट लगातार हासिल करने के लिए हमें फेसबुक, यूट्यूब और ट्विटर पर फॉलो करे...