सनातन धर्म में पूर्वजों को सम्मान देने के लिए पितृपक्ष में तर्पण और पिंडदान करने की परंपरा है। इस बार पितृ पक्ष 2024 की शुरुआत भाद्रपद पूर्णिमा यानी कि 26 सितंबर 2026 से हो रही है। शास्त्रों के अनुसार पिंडदान करने के नियम है।
Food for Pitru Paksha : सनातन धर्म में पूर्वजों को सम्मान देने के लिए पितृपक्ष में तर्पण और पिंडदान करने की परंपरा है। इस बार पितृ पक्ष 2024 की शुरुआत भाद्रपद पूर्णिमा यानी कि 26 सितंबर 2026 से हो रही है। शास्त्रों के अनुसार पिंडदान करने के नियम है।
पितृ पक्ष में तामसिक और अशुद्ध भोजन को पूरी तरह से वर्जित माना गया है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, इन 16 दिनों की अवधि में पितरों (पूर्वजों) के प्रति सम्मान प्रकट करने के लिए पूरी तरह से सात्विक आहार ग्रहण करना चाहिए। तामसिक भोजन के सेवन से पितर रुष्ट हो सकते हैं।
मांसाहारी भोजन और मदिरा
मांस, मछली, अंडा और शराब या किसी भी प्रकार के नशीले पदार्थों का सेवन सख्त मना होता है।
लहसुन और प्याज
भोजन में प्याज और लहसुन का प्रयोग वर्जित है, क्योंकि इन्हें आयुर्वेद और शास्त्रों में तामसिक और उग्र प्रकृति का माना गया है।
बासी और बाहर का खाना
पितृ पक्ष में हमेशा ताजा और शुद्ध घर का बना भोजन ही करना चाहिए। जंक फूड और रेस्टोरेंट के खाने से परहेज करना चाहिए।