चुनाव आयोग (Election Commission) में मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) और चुनाव आयुक्तों (ECs) के बीच मतदाता सूची के वार्षिक पुनरीक्षण (SSR) को लेकर मतभेद का असर अब नए मतदाताओं पर पड़ता दिखाई दे रहा है। एक रिपोर्ट के मुताबिक, 18 वर्ष की आयु पूरी करने वाले Gen Z यानी युवा मतदाताओं को मतदाता सूची में शामिल करने की प्रक्रिया में देरी हो रही है।
नई दिल्ली। चुनाव आयोग (Election Commission) में मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) और चुनाव आयुक्तों (ECs) के बीच मतदाता सूची के वार्षिक पुनरीक्षण (SSR) को लेकर मतभेद का असर अब नए मतदाताओं पर पड़ता दिखाई दे रहा है। एक रिपोर्ट के मुताबिक, 18 वर्ष की आयु पूरी करने वाले Gen Z यानी युवा मतदाताओं को मतदाता सूची में शामिल करने की प्रक्रिया में देरी हो रही है।
रिपोर्ट में कहा गया है कि एसआईआर (SIR) और चुनाव आयोग (Election Commission) की कुछ प्रक्रियाओं पर दो चुनाव आयुक्तों ने पिछले 10 महीने में करीब 14 बार आपत्तियां दर्ज कराई हैं। इसे लेकर सीईसी ज्ञानेश कुमार (CEC Gyanesh Kumar) विपक्ष के निशाने पर हैं। इसी कड़ी में कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) ने भी उन पर हमला बोला और 48 घंटे के अंदर इस्तीफा देने समेत 3 मांगें रखी हैं।
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सीजेपी (CJP) ने गुरुवार को की प्रेस कॉन्फ्रेंस में सीईसी पर कई आरोप लगाए। सीजेपी (CJP) ने कहा कि ज्ञानेश कुमार भारत के सबसे बड़े देश-विरोधी हैं। वो देश के लोकतंत्र के लिए सबसे बड़ा खतरा हैं। हमारी तीन मांगें है, जिसमें पहली ये है कि ज्ञानेश कुमार (Gyanesh Kumar) को बर्खास्त किया जाए। आने वाले सभी चुनावों पर रोक लगाई जाए और एसआईआर (SIR) प्रक्रिया बंद की जाए। सीजेपी ने कहा, सुप्रीम कोर्ट (Supreme Court) भी बराबर का दोषी है। कोर्ट को आदेश देना चाहिए कि सभी एसआईआर (SIR) फाइलें जब्त कर अपनी कस्टडी में ले। ताकि कोई यह दावा न कर सके कि फाइलें आग में जलकर खाक हो गईं।
उनके घर पर चपरासी बन जाएं
प्रेस कॉन्फ्रेंस में सीजेपी (CJP) ने कहा, कि अगर ज्ञानेश कुमार मोदी की चापलूसी करना चाहते हैं तो बेहतर है कि उनके घर पर चपरासी बन जाएं। ज्ञानेश कुमार को 48 घंटे के अंदर इस्तीफा दे देना चाहिए। अगर ऐसा नहीं हुआ तो उनके खिलाफ सीजेपी (CJP) देशव्यापी विरोध प्रदर्शन शुरू करेगी।
हम पूरे देश में लोगों को एकजुट करना शुरू करेंगे। फिर दिल्ली में आंदोलन छेड़ेंगे। जब तक सिस्टम ठीक नहीं हो जाता, तब तक विपक्षी पार्टियों को चुनावों का बहिष्कार करना चाहिए। आरोप लगाया कि ज्ञानेश कुमार के मुख्य चुनाव आयुक्त बनने के बाद ये तय हो रहा कि चुनाव कौन हारेगा और कौन जीतेगा। महाराष्ट्र में 2 करोड़ से ज्यादा वोट हटा दिए गए। बंगाल में बड़ी संख्या में वोटर्स मतदान नहीं कर पाए। इतना ही नहीं देश की राजधानी दिल्ली में 47 लाख वोटर्स को मतदाता सूची से हटाया जा रहा है। अब तक 13 करोड़ वोटर्स के नाम हटाए गए सीजेपी ने आरोप लगाया कि अब तक 13 करोड़ वोटरों के नाम हटाए जा चुके हैं। बात करें लोकसभा चुनाव-2024 की ये लड़ाई महज 2 फीसदी वोटों के अंतर से जीती गई। सीजेपी ने सवाल उठाया- क्या बीजेपी की जीत पक्की करने के लिए नाम हटाए जा रहे हैं।
प्रॉक्सी पार्टियां बना रही है बीजेपी
प्रेस कॉन्फ्रेंस में सीजेपी (CJP) ने आरोप लगाया कि लोकसभा चुनाव-2024 में पैनिक बटन दबाया गया था। स्टालिन से लेकर ममता बनर्जी और अरविंद केजरीवाल से लेकर पिनाराई विजयन तक सभी क्षेत्रीय नेताओं को वोट हटाकर हराया गया। बीजेपी प्रॉक्सी पार्टियां बना रही है।
ज्ञानेश की वजह से जीत रही बीजेपी
अभिजीत दीपके (Abhijeet Deepke) ने आरोप लगाया कि बागी गुटों को क्षेत्रीय पार्टियों के चुनाव चिह्न और फंड सौंप दिए गए हैं, ये बीजेपी (BJP) की शेल कंपनियां हैं। बीजेपी (BJP) नरेंद्र मोदी (Narendra Modi) की वजह से चुनाव नहीं जीत रही है। ये पार्टी ज्ञानेश कुमार की वजह से जीत रही है। मोदी लहर के चरम पर भी बीजेपी (BJP) कई राज्यों में इतनी सीटें नहीं जीत पाई थी। ज्ञानेश कुमार (Gyanesh Kumar) बीजेपी (BJP) को एक के बाद एक राज्य जिताने में मदद कर रहे हैं।